सिरसा में किसानों का प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान हरियाणा के सिरसा में डिप्टी सीएम व बिजली मंत्री के आवास का घेराव करने मंगलवार दोपहर बाद बाबा भूमणशाह चौक पर पहुंचे। कुछ युवा किसानों ने अवरोधक पार करने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। साथ ही पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इससे गुस्साए किसानों ने पुलिस पर पथराव किया। पथराव में दूसरी ओर खड़ा एक किसान घायल हो गया। इसके विरोध में किसान नेताओं ने शाम सात बजे तक बाबा भूमणशाह चौक पर धरना दिया।
कृषि कानूनों के विरोध में सुबह नौ बजे ही दशहरा ग्राउंड में सिरसा के किसान एकत्रित होने शुरू हो गए थे। डिप्टी सीएम व बिजली मंत्री के आवास के घेराव की चेतावनी के चलते पुलिस ने चारों ओर अवरोधक लगाकर रास्तों को बंद कर दिया था। किसान दोपहर बाद तीन बजे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला व बिजली मंत्री रणजीत सिंह के आवास का घेराव करने बाबा भूमणशाह चौक पर पहुंचे।
किसान नेताओं ने डिप्टी सीएम व बिजली मंत्री से इस्तीफा मांगा। किसान नेताओं ने नारा दिया, किसान चाहिए या कुर्सी। इस दौरान कुछ युवा किसानों ने अवरोधक पार करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। करीब एक घंटे तक किसानों और पुलिस में अवरोधक को लेकर खींचतान चलती रही। इसके बाद शाम करीब चार बजे युवा किसानों ने अवरोधक अपनी ओर खींच लिए और पुलिस की नाकाबंदी को तोड़ दिया।
इसके बाद युवा किसानों ने आगे जाना चाहा तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बदले में किसानों ने पुलिस की ओर पत्थर फेंक दिए। इस पर पुलिस पीछे हट गई। इसके बाद किसान फिर से चौक पर इकट्ठा हो गए। किसान नेताओं ने पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़ने पर नाराजगी जताई।
किसान नेता बोले- अवरोधक पार करने का प्रयास करने वाले शरारती तत्व
स्वराज अभियान के संस्थापक योगेंद्र यादव, किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा, संत बाबा गुरमीत सिंह त्रिलोकवाला ने कहा कि जो किसान अवरोधक पार करने का प्रयास कर रहे हैं, वे आंदोलन को गलत दिशा दे रहे हैं। ये शरारती तत्व हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन करेंगे।