पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की अपील पर किसानों ने अपना प्रस्तावित आंदोलन एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ने कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा के साथ मिलकर बुधवार को किसानों से विस्तृत विचार-विमर्श किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह भी पढ़ें- पंजाब: आम आदमी पार्टी सिद्धू को शामिल करेगी या नहीं, दिग्गज नेता ने किया स्पष्ट, राजनीतिक गलियारों में चर्चा खूब
किसानों ने उपमुख्यमंत्री की अपील को मानते हुए अपना प्रस्तावित आंदोलन 30 अक्तूबर तक इस शर्त पर स्थगित कर दिया है कि उक्त तारीख से पहले उनकी मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक करवाई जाए। रंधावा ने कहा कि बहुत मामले तो कल की मीटिंग में ही मौके पर हल हो गए थे।
उन्होंने साथ ही भरोसा दिलाया कि कुछ लंबित मुद्दे जो तकनीकी या कागजी कार्यवाही के कारण रुके थे, को जल्द ही हल कर लिया जाएगा और मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात भी जल्द से जल्द करवाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने पंजाब में 28 सितंबर से बंद का आह्वान दिया गया था। इसके बाद उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने बुधवार कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी।
अमृतसर में किसानों ने खत्म किया धरना
उधर, अमृतसर में डीसी दफ्तर के बाहर तीन दिन से धरने पर बैठे किसानों ने गुरुवार शाम धरना हटा लिया। डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा और आईजी बार्डर रेंज एसपीएस परमार किसानों के मंच पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने जिला प्रबंधकीय परिसर में कृषि कानूनों के खिलाफ धरना दे रहे किसानों की बैठक उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ करवाने का भरोसा दिया। जिसके बाद किसान नेताओं ने अपना रेल रोको आंदोलन वापस लेते हुए धरना हटा लिया।
यह भी पढ़ें- Amit Shah Captain Amarinder Meeting: पंजाब में मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी समेत दर्जनों नेता अमरिंदर के संपर्क में
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर व बाबा गुरबचन सिंह चब्बा ने बताया कि डीसी व आइजी बार्डर रेंज ने चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों के साथ बात कर उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाने का भरोसा दिया। दोनों अधिकारियों ने किसानों के मंच से कहा कि वे अपना रेल रोको आंदोलन वापस ले लें। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने किसानों से यह अपील की है। जिसके बाद किसानों ने रेल रोको आंदोलन वापस लेने के साथ ही डीसी आफिस के सामने से अपना धरना भी हटा लिया। किसान नेताओं ने कहा कि 20 अक्तूबर के बाद प्रदेश कोर कमेटी की बैठक कर अगले संघर्ष की रूप रेखा तैयार करेगी।