मुआवजा राशि पर किसानों की सहमति के साथ ही सोमवार को करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया। करतारपुर कॉरिडोर के अधीन आती जमीन के मालिक 450 किसानों और एसडीएम डेरा बाबा नानक के बीच सोमवार को विशेष बैठक हुई। किसान बचाओ कमेटी के सह प्रधान सूबा सिंह ने बताया कि बैठक में दोनों पक्षों के बीच 17 लाख रुपये प्रति एकड़ राशि निश्चित की गई है।
वे इस पर सहमत हो गए क्योंकि वे नहीं चाहते थे इस पवित्र लांघे में कोई बाधा आए। एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मंगलवार को खेतीबाड़ी विभाग और वन विभाग के अधिकारी पहुंचेंगे और फसल और पेड़ों का सर्वे करेंगे। वे उन्हें इसका मुआवजा भी देंगे। इसके अलावा 100 प्रतिशत उजाड़ा (विस्थापन) भत्ता भी दिया जाएगा। प्रशासन उनकी जमीनों पर अपना काम शुरू कर सकता है।
अधिक मुआवजे के लिए कोर्ट जाएंगे
वहीं किसानों ने अधिक मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए कोर्ट में जाने का एलान भी किया। सूबा सिंह ने बताया कि अपने अधिकारों के दायरे में रहते हुए एसडीएम ने पिछले तीन वर्षों की क्षेत्र की रजिस्ट्रियों का औसत रेट 17 लाख रुपये प्रति एकड़ निकाला है। वे वर्तमान समय में ज्यादा रेट पर हुईं रजिस्ट्रियों को आधार बनाकर कोर्ट में जाएंगे और अधिक मुआवजा राशि के लिए अपील करेंगे।
बैठक में किसानों और उनके बीच सहमति बन गई है। किसानों को फसल का मुआवजा भी दिया जाएगा। जैसे ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से राशि जारी की जाएगी, उसी समय किसानों को निश्चित की गई मुआवजा राशि भी दे दी जाएगी।
- गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, एसडीएम, डेरा बाबा नानक