कुंडली बॉर्डर पर मंच पर मोमबत्ती व फूल लेकर खड़े किसान नेता।
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टीकरी बार्डर पर किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। साप्ताहिक अवकाश होने की वजह से रविवार को बार्डर पर आंदोलनकारियों की संख्या ज्यादा रही। किसानों ने पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई पूर्व सैनिक भी आंदोलन में शामिल हुए। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर हजारों किसानों ने बहादुरगढ़ शहर में जुलूस निकाला।
बाईपास के पकौड़ा चौक के निकट आटो मार्केट मैदान से शुरू हुआ ये जुलूस नयागांव-बहादुरगढ़ रोड, सब्जी मंडी व रोहतक-दिल्ली रोड होते हुए टीकरी बार्डर पर खत्म हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसानों की शहादत पर विवादास्पद टिप्पणी करने पर बेरी रोड फ्लाईओवर के निकट हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का पुतला फूंका।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के छात्र एकता मंच के सदस्य विद्यार्थियों ने टीकरी बार्डर पर प्रदर्शन कर किसान आंदोलन का समर्थन किया और नौदीप कौर व शिव कुमार को रिहा करने की मांग की। उत्तराखंड में हुई त्रासदी में मारे गए व्यक्तियों और उन किसानों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया जिनकी आंदोलन में जान चली गई।
ऑल इंडिया किसान सभा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रधान गुलाम मोहमद और उनके साथ आए 10 साथियों ने भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन दिया। उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा की मुख्य सभा के मंच से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम इस आंदोलन में जान देने वाले किसानों व उनके परिवारों के दुख को भुला नहीं पा रहे।