दिल्ली-हरियाणा बार्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चार दिन से डटे किसानों को लोग कई तरह से समर्थन दे रहे हैं। कहीं किसानों को मुफ्त खाना खिलाया जा रहा है तो कहीं किसान ट्रक चालकों को लंगर खिला रहे हैं।
दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित सुखदेव ढाबे पर किसानों के लिए मुफ्त खाने की व्यवस्था की गई। दिल्ली जा रहे कुछ किसानो के पास पैसे नहीं थे तो उन्हें इस ढाबे पर मुफ्त में खाना खिलाया गया। प्रदर्शन करने जा रहे सैकड़ों किसानों को यहां खाना खिलाया गया।
जब किसानों ने खिलाया भूखे ट्रक चालकों को खाना
किसान आंदोलन में मानवता की मिसाल भी देखने को मिल रही है। जहां किसानों का बैरिकेड तोड़ने के साथ ही पुलिस के साथ झड़प में उग्र रूप दिखाई दे रहा है। वहीं ट्रक चालकों की मदद के लिए खूब दरियादिली दिखा रहे हैं। किसान जहां अपने लिए खाना बना रहे हैं। वहीं भूखे ट्रक चालकों के लिए भी खुद खाना बनाकर खिला रहे हैं।
नेशनल हाईवे 44 पर सिंघु बॉर्डर के पास ऐसा कई जगह दिखाई दिया, जहां ट्रक चालकों को उन्होंने खाना खिलाया। एनएच 44 पर किसान आंदोलन के कारण अधिकतर ढाबे बंद हो गए हैं और ट्रक जाम में फंसे होने के कारण चालकों को खाना नहीं मिल रहा है। ऐसे ही लुधियाना से ट्रक लेकर चालक पाली कई दिन पहले दिल्ली के लिए चले थे लेकिन वे जाम में फंस गए और वह एक दिन भूखे रहे। जब उनको किसानों ने भूखा देखा तो उनको खाना खिलाया।
जींद में गांववालों ने की किसानों की मदद
दिल्ली कूच पर निकले किसानों को हरियाणा के ग्रामीण भी पूरा सहयोग दे रहे हैं। जींद के गांव पोली के लोग भी किसानों को सहयोग देने आगे आए। गांववासियों ने मुनादी करवाकर क्षेत्र में रुके किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था करने की बात कही। देखते ही देखते ग्रामीणों ने क्षेत्र में रुके करीब 30 हजार किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था कर दी। वहीं किसानों ने पांच मिनट में गांव से पांच लाख रुपये चंदा भी एकत्रित किया। इधर, गांव के बस स्टैंड पर युवाओं ने भंडारा लगा दिया। युवाओं ने कहा कि जब तक किसान यहां से गुजरते रहेंगे, भंडारा चलता रहेगा।