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कैप्टन और मनोहर के बीच जुबानी जंग जारी, अब इस मुद्दे पर भिड़े दोनों मुख्यमंत्री

Sun, 29 Nov 2020 07:32 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह, मनोहर लाल। - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से जारी कॉल रिकॉर्ड को पूरी तरह ढकोसला करार देते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे उनके पाखंडबाजी का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री अगर सचमुच ही संपर्क साधना चाहते थे तो मेरे मोबाइल पर कॉल कर सकते थे। 

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अपने ही सरकारी रजिस्टर का पन्ना दिखाने से उनके झूठ पर पर्दा नहीं पड़ सकता। अमरिंदर ने मनोहर की टिप्पणी का जवाब देते हए कहा कि अगर वह किसानों के कारण कोविड फैलने से चिंतित थे तो उनको राज्य में न रोककर तुरंत दिल्ली की तरफ जाने की आज्ञा देनी चाहिए थी। साथ ही कहा कि मनोहर द्वारा हरियाणा के किसानों के मार्च में शामिल न होने के दावे को उन्होंने पहचान पत्र दिखाकर झूठा साबित कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़े होने के बजाय उनको खालिस्तानी पुकारने से स्पष्ट होता है कि ऐसे व्यक्ति को झूठ फैलाने में कोई नैतिक झिझक नहीं है। इसलिए मनोहर लाल पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता।
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फोन कॉल को लेकर उठा विवाद-
कृषि आंदोलन के बीच दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री के बीच तल्खी फोन कॉल को लेकर बढ़ी। दरअसल, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि किसान मुद्दों को लेकर हमने पंजाब के मुख्यमंत्री से कई बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर कैप्टन ने कहा कि मनोहर लाल झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने कई बार मेरे साथ बात करने की कोशिश की और मैंने जवाब नहीं दिया। 

मैं जब किसानों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के साथ कई बार बात कर सकता हूं तो अपने पड़ोसी मुख्यमंत्री के साथ बात करने से पीछे क्यों हटता। उन्होंने मेरे किसानों के साथ जो कुछ किया है, अब मुझे उनसे बिल्कुल भी बात नहीं करनी। चाहे 10 बार कोशिश करके देख लें। मेरा मनोहर लाल के साथ बात करने का कोई मतलब नहीं बनता। भले ही वह पड़ोसी है या नहीं। जब तक मनोहर लाल माफी नहीं मांगते और यह नहीं मान लेते कि मैंने पंजाब के किसानों के साथ गलत किया, मैं उन्हें माफ नहीं करूंगा।

मनोहर लाल ने दिया ये बयान-
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोराना के कारण ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। इसी कारण से यह रैली भी वर्चुअल आयोजित की गई है। मुझे हैरानी है कि पंजाब की सरकार ने इस आंदोलन को प्रोत्साहित किया। अगर इसके कारण कोरोना की स्थिति बिगड़ती है तो मैं इसके लिए पंजाब सरकार को दोषी मानता हूं।

 इसी विषय को लेकर मैंने पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से बातचीत करने की कोशिश की थी लेकिन वह मना कर रहे हैं। अब जब हमने उनकी बातचीत का रिकॉर्ड सोशल मीडिया पर डाला तो उनके पास कोई जवाब नहीं बचा। क्योंकि यह पंजाब सरकार का प्रायोजित कार्यक्रम है, इसलिए वह अब पीछे भाग रहे हैं। 

मनोहर बोले- पंजाब के सीएम ने किया ओछी भाषा का इस्तेमाल
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के सीएम मुझसे नाराज नहीं हैं, लेकिन उन्होंने जिस प्रकार की ओछी भाषा का इस्तेमाल किया है, वह एक सीएम को शोभा नहीं देता। उस पर मैं बोलूं यह अच्छा नहीं है। लोग सोशल मीडिया पर बोल रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री का दूसरे मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने जैसा व्यवहार किया है, मैं ऐसा व्यवहार नहीं कर सकता।
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