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पंजाब में लगातार जल रही पराली, किसान बोले- सरकार मुआवजा तो देती नहीं, पराली जलाना मजबूरी

Sat, 07 Nov 2020 02:02 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब में किसान चला रहे पराली। - फोटो : ANI
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पंजाब में पराली जलाने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा तस्वीरें जालंधर के फिल्लौर के गांव खेला की हैं। यहां किसान अपने खेतों में बेधड़क पराली जला रहे हैं। किसानों को कहना है कि हमारे बारे में सरकार को क्या पता, पराली जलाना हमारी मजबूरी है। सरकार हमें कोई क्षतिपूर्ति नहीं देती है।

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छुट्टियों में सबसे ज्यादा जलती है पराली 
पर्यावरण विज्ञानी ने पराली जलाने का एक और ट्रेंड पाया है। उनके मुताबिक छुट्टियों के दिन पराली जलाने की घटनाएं सबसे ज्यादा दर्ज की जाती हैं। 19 सितंबर से लेकर दो अक्तूबर के बीच पराली जलाने का ग्राफ शनिवार व रविवार को सबसे ऊपर रहा है।

इस संबंध में पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. सुमन मोर ने बताया कि दरअसल किसानों के अंदर सोच है कि पराली की निगरानी करने वाले अफसर शनिवार व रविवार को गश्त पर नहीं निकलते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर नहीं रहता। 31 अक्तूबर को सैटेलाइट में 3823 जगहों पर आग लगने की घटनाएं कैद हुईं। इसका मतलब है कि इस दिन सबसे ज्यादा पराली जलाई गई थी।

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सरकार का दावा- कम जल रही पराली
पंजाब सरकार का दावा है कि इस बार प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में कमी है। पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन के मुताबिक राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में पांच प्रतिशत से भी ज्यादा की कमी आई है। उन्होंने अधिकारियों से इस दर में और कमी लाने के निर्देश दिए हैं। 

पंजाब में अब तक 137.89 लाख टन धान की आमद हो चुकी है, जो पिछले साल की अपेक्षा 33 प्रतिशत ज्यादा है। पराली जलाने की समस्या के बाबत सभी डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी को निर्देश जारी करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिला अधिकारी इस मसले को और गंभीरता से लें, हालांकि पिछले साल के मुकाबले अब तक पराली जलाने की घटनाएं कम दर्ज की गई हैं।
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