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चंडीगढ़ का हुआ यह हाल.. किसान प्रदर्शन ने शहर किया बेहाल

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किसान प्रदर्शन के दौरान लगा चक्का जाम। - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। किसानों के समर्थन में शनिवार को शहर के अलग-अलग हाईवे पर दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक लोगों ने चक्का जाम किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और केंद्र सरकारी की ओर से बनाए गए तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। चक्का जाम के चलते राहगीरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई लोगों की ट्रेन छूट गई तो कई को पैदल ही गंतव्य तक जाना पड़ा। प्रदर्शन में किसान मजदूर एकता मंच के समर्थक और किसान यूनियन के अलावा अन्य संगठनों के लोग व शहरवासी भी शामिल रहे जो चंडीगढ़ के अलावा पंजाब के गांवों से इस चक्का जाम प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। तीन घंटे के बाद प्रदर्शन खत्म होते ही शहर में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे सड़कों पर लंबा जाम लग गया।
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बता दें कि नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने शनिवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर देशभर के सभी हाईवे को जाम करने का एलान किया था। इसके चलते जीरकपुर बैरियर, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट, मोहाली बार्डर समेत मुल्लांपुर की सीमा पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। दोपहर 12 बजते ही किसान समर्थन इन जगहों पर जमा हो गए और चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मुल्लांपुर में किसान समर्थकों के इकट्ठा होने पर चंडीगढ़ के रास्ते पर बैरिकेड लगाकर पुलिस ने सीमा को पूरी तरह सील कर दिया था ताकि प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ में प्रवेश न कर सकें। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी कर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान वहां से गुजरने वाले वाहनों को पुलिस रास्ता बताती रही। हालांकि तीन बजते ही किसान समर्थकों ने चक्का जाम को खत्म कर दिया। इसके बाद चंडीगढ़ से मुल्लांपुर की तरफ जाने वाली सड़क पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर जाम को खुलवाया।
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राहगीर हुए परेशान, कई लोगों की ट्रेन छूटी
किसानों के हाईवे जाम करने के आह्वान के बाद पुलिस ने जीरकपुर बैरियर से ट्रिब्यून चौक तक का रास्ता बंद कर दिया था। इससे ट्रेन पकड़ने वाले लोग समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सके। इससे कई लोगों की ट्रेन छूट गई। वहीं, अन्य राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 12 बजे प्रदर्शनकारी हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर बीच सड़क बैठ गए। उन्होंने चंडीगढ़-अंबाला हाईवे के साथ ही पंचकूला की ओर जाने वाला मार्ग भी अवरुद्ध कर दिया। अचानक से दिल्ली मार्ग का संपर्क टूटने से लोग परेशान हो गए। सेक्टर-22 निवासी अरुण कुमार ने बताया कि उन्हें अंबाला से 2 बजे ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन चंडीगढ़ से निकलने में ही डेढ़ बजे गए। पुलिस ने भी चंडीगढ़ की ओर से आ रहे ट्रैफिक को ट्रिब्यून चौक से मोड़ दिया। इस कारण बहलाना या जीरकपुर जाने वाले लोगों को स्टेशन, दड़वा से होते हुए पंचकूला के अंदर से जाना पड़ा। वहीं ऑटो और कैब न मिकने से कॉलोनी नंबर चार, हल्लोमाजरा की ओर से आने वाले लोगों को पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा।
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कई लोगों ने जबरदस्ती पार किया बैरिकेड, फिर लौटे
पुलिस ने ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर सीमा तक बैरिकेडिंग कर दी थी। साथ ही लोगों को वैकल्पिक मार्ग भी बताया लेकिन कुछ लोग पुलिस की बात नहीं मान ही रहे थे। वह जैसे ही आगे बढ़े, वहां लोगों की भीड़ देखकर अपने आप वापस लौट जा रहे थे। जब लोग बहस करने लगते तो पुलिसकर्मी भी उन्हें कह दे रहे थे कि चले जाओ, फिर वापस आना पड़ेगा।

मुल्लांपुर बैरियर पर प्रदर्शन करते किसान।- फोटो : CHANDIGARH

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