श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह।
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कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों को खालिस्तानी बताने पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने सख्त एतराज जताया है। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए इसे खालिस्तान के साथ जोड़ने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों को देश विरोधी साबित करने के लिए इस साजिश में केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल हैं। यह साजिश बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ इस प्रकार की साजिश देश को नुकसान पहुंचा सकती है।
श्री अकाल तख्त साहिब परिसर में स्थित अपने दफ्तर में पत्रकारों में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सरकारें कानून लोगों के कल्याण के लिए बनाती हैं। जिन कानूनों को जन हितैषी बताया जाता है अगर वह कानून किसान, मजदूर, व्यापारियों और समाज के अन्य वर्ग को मंजूर न हों तो ऐसे कानूनों को वापस करने में केंद्र सरकार को गुरेज नहीं करना चाहिए। जिन कानूनों के खिलाफ देश खड़ा हो जाए, ऐसे कानूनों का कोई लाभ नहीं है।
जत्थेदार ने कहा कि कृषि कानूनों को लागू करने से पहले केंद्र सरकार को किसान संगठनों व कृषि विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए थी। कानून पर लोकसभा व राज्यसभा में चर्चा की जानी चाहिए थी। केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करे।