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किसान आंदोलन : 100 दिन के जनसंपर्क से किसान आंदोलन को मिला 10 लाख लोगों का साथ

Wed, 06 Jan 2021 10:47 AM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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किसान आंदोलन। - फोटो : फाइल फोटो
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कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को मजबूत और बड़ा बनाने के लिए 100 दिन के जनसंपर्क अभियान के किसान नेताओं को अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं। पंजाब में सितंबर में शुरू हुए जनसंपर्क के दौरान 10 लाख से अधिक लोग आंदोलन से जुड़ चुके हैं। यह दावा भाकियू एकता (उगराहां) ने किया है। अब यूनियन की तरफ से इन लोगों को आंदोलन से जुड़ी बारीकियों से रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए पंजाब भर में 5000 से अधिक कृषि माहिरों को तैनात किया गया है।
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भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) देश का सबसे बड़ा किसान संगठन माना जाता है। पंजाब के साथ ही देश के 20 से अधिक राज्यों में यूनियन की इकाइयां संचालित की जाती हैं। विदेश से भी यूनियन को काफी सहयोग किया जाता है। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को मजबूत आधार देने के लिए यूनियन की तरफ से पंजाब के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान शुरू किया गया था। 

यह भी पढ़ें - किसान आंदोलन : बिरसा मुंडा, शहीद भगत सिंह बने किसानों की प्रेरणा, सेना की तरह संभाला जा रहा मोर्चा 
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इसके बाद पंजाब में आंदोलन के समर्थन में 10 लाख से अधिक लोग यूनियन से जुड़े हैं और आंदोलन में हिस्सा करने की तैयारी कर रहे हैं। इन लोगों के शामिल होने पर आंदोलन को मजबूत आधार मिल सके इसके लिए यूनियन की तरफ से आंदोलन की बारीकियां और आने वाली विपत्तियों से कैसे ये लोग निपट पाएं इसके लिए प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। 

प्रशिक्षण के लिए भाकियू की तरफ से पंजाब भर में 5000 से अधिक कृषि कानूनों के माहिरों की तैनाती की गई है, जो जल्द ही टीम बनाकर प्रशिक्षण देने का काम शुरू करेंगे। यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्र के अड़ियल रुख को देखते हुए आंदोलन लंबा खिंचेगा। आंदोलन कमजोर न पड़े, इसलिए जनसंपर्क अभियान जारी रहेगा। 
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ये रहेंगे प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु
किसान आंदोलन से जुड़े नए लोगों को क्या प्रशिक्षण दिया जाएगा, इसको लेकर भी यूनियन की ओर से कार्ययोजना बनाई गई है। माहिरों के जरिए लोगों को केंद्रीय कृषि कानूनों की बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। इन कानूनों से भविष्य में होने वाले नुकसानों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही आंदोलन के दौरान उन्हें क्या-क्या दिक्कतें पेश आएंगी और उन परेशानियों से कैसे निपटा जाएगा, इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। आंदोलन के लंबा खिंचने पर कैसे रणनीति बनाई जाए और क्या बदलाव आवश्यक होंगे इसकी भी जानकारी दी जाएगी।

अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में यह तय हो गया था कि किसानों का यह आंदोलन लंबा खिंचने वाला है। केंद्र के रूख को देखते हुए यूनियन के नेताओं ने रणनीति के तहत पंजाब में जनसंपर्क अभियान शुरू किया गया था। अब तक आंदोलन में शामिल होने के लिए 10 लाख से अधिक जुड़ चुके हैं, अब इन्हें आंदोलन की बारीकियों की जानकारी देने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। - सुखदेव सिंह कोकरी कलां, राष्ट्रीय महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)

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