एक दिन पहले कर्ज के कारण अपने तीन नाबालिग बच्चों के संग राजस्थान नहर में कूदने वाले गांव मचाकी मल्ल सिंह के नौजवान किसान जगजीत सिंह और उसके तीन बच्चों का 36 घंटे बीतने के बाद कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार दिन भर जिला पुलिस की टीमें ग्रामीणों और किसान के रिश्तेदारों के साथ नहर खंगालने में जुटी रही।
उसके घर पर प्रशासनिक अधिकारियों समेत तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेताओं का तांता लगा रहा। सभी ने किसान परिवार के साथ हमदर्दी जताई और उन्हें हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। जानकारी के अनुसार जगजीत सिंह ने वीरवार सुबह अपने नाबालिग बच्चों हरमनवीर कौर, जसनदीप कौर व जगसीर सिंह को धक्का देने के बाद खुद भी राजस्थान नहर में छलांग लगा दी थी। ऐसा किसान ने सहकारी सोसायटी और बैंक के करीब 10 लाख रुपये के कर्ज के कारण मानसिक रूप से परेशान था।
शुक्रवार को सबसे पहले कोटकपूरा के तहसीलदार अपने साथी कर्मियों के साथ किसान के घर पहुंचे और उसके कर्ज के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद कोटकपूरा से विधायक मनतार सिंह बराड़ ने जगजीत सिंह के आवास पर पहुंच कर पंजाब सरकार की तरफ से परिवार को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।
परिवार के साथ हमदर्दी जताने पहुंचे नेता और अधिकारी
परिवार के साथ हमदर्दी जताने पहुंचे नेता और अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पीपीसीसी महासिचव और फरीदकोट से कांग्रेस प्रत्याशी कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों, फरीदकोट से आम आदमी पार्टी के सांसद प्रो.साधू सिंह, फरीदकोट से आप उम्मीदवार गुरदित्त सिंह सेखों, कोटकपूरा से आम उम्मीदवार कुलतार सिंह संधवां और कोटकपूरा से बसपा उम्मीदवार एडवोकेट अवतारकृष्ण समेत विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने किसान परिवार के घर पर पहुंचे।
स्कूली बच्चों ने भी जताया अफसोस
अपने बच्चों के साथ नहर में कूदने वाले किसान जगजीत सिंह के घर पर सिर्फ अधिकारी, राजनेता और ग्रामीण ही अफसोस जताने के लिए नहीं पहुंचे बल्कि उसके बच्चों के साथ स्कूल में पढ़ने वाले नन्हें छात्र -छात्राएं पीछे नहीं रहे। जगजीत सिंह के घर पहुंचे स्कूली बच्चों ने हरमनवीर कौर, जसनदीप कौर और जगसीर सिंह की तस्वीर और उनको स्कूल में मिले स्मृति चिन्हों को निहारते हुए यादों का ताजा किया।
स्कूल के अध्यापक वरींद्र शर्मा ने बताया कि जगजीत सिंह के तीनों बच्चे ही उनके स्कूल की शान थे और बड़ी बेटी हरमनवीर कौर तो पिछले तीन सालों से स्कूल में टॉप कर रही थी। वीरवार को जगजीत सिंह के बच्चों को स्कूल में सम्मानित किया जाना था।