प्रसिद्ध साहित्यकार दीपक जालंधरी।
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प्रसिद्ध साहित्यकार दीपक जालंधरी का रविवार सुबह नौ बजे स्वर्गवास हो गया। दीपक जालंधरी भारत के पूर्व पीएम इंद्र कुमार गुजराल के करीबी रहे हैं। दीपक जालंधरी ने जालंधर ही नहीं बल्कि देश के इतिहास पर भी कई किताबें लिखीं। कई बार उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से सरकार से जालंधर और पंजाब के विकास को लेकर आवाज भी बुलंद की थी।
वह विभिन्न समाचार पत्रों में भी लेख लिखते रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार किशनपुरा श्मशानघाट में रविवार शाम चार बजे किया गया। इस दौरान गणमान्य लोग मौजूद रहे। दीपक जालंधरी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। कुछ समय पहले उन्होंने एक शहर जालंधर पुस्तक लिखी थी, जिसमें जालंधर का पुराना इतिहास था।
जालंधर का इतिहास छह हजार साल पुराना है और यह शहर देश के प्राचीनतम नगरों में से एक है। यह शहर रामायण व महाभारत काल से जुड़ा है और इसका पुराणों में भी जिक्र है। साल 1934 में शेखूपुरा, पाकिस्तान में जन्मे और विभाजन के समय जालंधर में आ बसे दीपक जालंधरी ने पुस्तक में जिक्र किया था कि जालंधर में 1947 से पहले 70 प्रतिशत आबादी मुस्लिम थी, बाकी 30 प्रतिशत हिंदू रहा करते थे। 110 पन्नों की पुस्तक में दीपक जालंधरी ने इतिहास को गागर में सागर की तरह भरा था।