आरोप है कि जब जयपाल का शव लेने परिवार के लोग कोलकाता गए तो वहां की पुलिस ने उन्हें मानसिक तौर पर काफी प्रताड़ित किया। यहां तक कि उन्हें शव को हाथ तक नहीं लगाने दिया और कहा कि शव को केमिकल लगाया गया है। कोलकाता पुलिस ने उन्हें न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के दस्तावेज दिए और न ही एफआईआर की कॉपी दी है।
कोलकाता पुलिस उन्हें शव भी नहीं दे रही थी, वहां की मीडिया के जरिये उन्हें शव मिला है। भूपिंदर ने बताया कि उसके साथी सरपंच ने जलालाबाद के विधायक रमिंदर आवला से बातचीत कर कहा कि उनकी मदद करो और शव का दोबारा से पोस्टमार्टम करवाने संबंधी डीसी से कहें तो विधायक ने कहा कि इस संबंध में बातचीत की गई है लेकिन पूरा मामला सीएम हाउस देख रहा है। परिवार का आरोप है कि घर पर बिना वर्दी और वर्दी में पुलिस मुलाजिम आए और कहने लगे कि देर न करो जल्द ही शव का अंतिम संस्कार करो। उन्हें ऊपर से आदेश हैं।
उधर, जयपाल के परिवार के वकील का कहना है कि भूपिंदर सिंह ने उनसे संपर्क किया कि डीसी फिरोजपुर को आवेदन देना है कि शव का दोबारा से पोस्टमार्टम किया जाए। इसी संबंध में वह डीसी दफ्तर आए हैं। क्योंकि परिवार का कहना है कि जयपाल को गोली मारने से पहले उसको काफी प्रताड़ित किया गया है।
अदालत का सहारा लेंगे जयपाल के पिता
गैंगस्टर जयपाल के पिता भूपिंदर सिंह ने कहा कि जयपाल के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए अदालत का सहारा लेंगे। पोस्टमार्टम के बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे। सिंह ने कहा कि कोलकता में उनके बेटे का फर्जी एनकाउंटर हुआ है। डीसी और एसएसपी के साथ बैठक हुई थी। उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कानूनन दोबारा पोस्टमार्टम नहीं हो सकता है।
मां को मिलाया दूसरे बेटे अमृतपाल से
जयपाल के भाई अमृतपाल को सख्त सुरक्षा और बुलेटप्रूफ गाड़ी में लेकर पुलिस श्मशानघाट पहुंची । कड़ी सुरक्षा में गाड़ी में बंद अमृतपाल को उसकी मां से मिलाया और बातचीत करवाई। श्मशानघाट में काफी संख्या में पुलिस थी, ताकि माहौल खराब न हो। जयपाल के शव का अंतिम संस्कार दोपहर दो बजे किया जाना था। परिवार की दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग को लेकर काफी समय लग गया। पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी पोस्टमार्टम के मामले को लेकर बैठक करते नजर आए।