एक दिन पहले डबवाली के पास फरीदकोट पुलिस की घेराबंदी के बीच तीन नामी गैंगस्टरों के खुद को गोली मारकर सुसाइड करने के मामले में मृतकों के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगाया है। परिजनों ने पुलिस पर फर्जी तरीके से उनका एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है। साथ ही राज्य सरकार से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मंगलवार को जिला फरीदकोट पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर डबवाली में एक आपरेशन के दौरान तीन गैंगस्टर जैतो निवासी कमलजीत सिंह बंटी ,गांव रोड़ीकपूरा निवासी जसप्रीत सिंह जंपी और फिरोजपुर निवासी निशान सिंह की ओर से खुद ही एक दूसरे को गोलियां मारकर आत्महत्या करने का दावा किया गया था। बुधवार को सिरसा (हरियाणा) के सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद बंटी व जंपी के शवों को लेकर जैतो पहुंचे उनके परिवारों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
जंपी के ताया सुखचैन सिंह व बंटी के करीबी रिश्तेदार गुरविंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने तीनों का फर्जी तरीके एनकाउंटर किया। पुलिस ने उनके सिरों पर गोलियां दागी, ताकि उनकी बचने की कोई उम्मीद ही न रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पहले कहती रही कि इन्होंने जहर खा लिया है।
बाद में दावा किया उन्होंने पुलिस के घेरने पर खुद ही एक दूसरे को गोलियां मार ली। उधर दोनों गैंगस्टरों का बुधवार को ही जैतो व गांव रोड़ीकपूरा में अंतिम कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती भी की गई। डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना पुलिस ने तीनों गैंगस्टरों के शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है। किसी को पुलिस कार्यवाही पर शक है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बात स्पष्ट हो जाएगी।