पिछले दो दिनों से गुरु नानक देव अस्पताल के बाल रोग विभाग में एक गंभीर हालत में बच्चा भर्ती था। इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इसके चलते बच्चे के परिजन अस्पताल में एकत्र हुए और उनकी डॉक्टरों से बहस हुई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं डॉक्टरों ने भी इस मुद्दे पर रोष प्रकट किया और काम ठप कर दिया। उनका कहना है कि डॉक्टरों से मारपीट की गई है, तीन को चोट आई हैं।
गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. करमजीत सिंह और ड्यूटी पर तैनात जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने बताया कि जब परिवार ने इस बच्चे को भर्ती किया तो बताया कि बच्चे की हालत बहुत खराब है। डॉक्टर बच्चे को बचाने के लिए गंभीरता से प्रयास करें। डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन उसकी मौत हो गई और इसकी सूचना परिजनों को दी गई। इसके बाद परिजन रोष में आ गए।
डॉक्टरों ने बताया कि प्रोटोकॉल के मुताबिक ईसीजी रिपोर्ट के बाद ही किसी को मृत घोषित किया जा सकता है। बच्चे के माता-पिता को कमरे से ईसीजी तकनीशियन को बुलाने को कहा था लेकिन वे गलत कमरे में चले गए। जहां हमारे डॉक्टर ड्यूटी पर थे। गुस्साए परिजनों ने रेजिडेंट से मारपीट की, इसमें तीनों डॉक्टरों को गंभीर चोट आई है।
वहीं परिजनों का कहना है कि डॉक्टर के दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के कारण मामला मारपीट में तब्दील हो गया। इस मामले के बाद पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत करवाया। मृत बच्चे के परिजनों ने बड़ी संख्या में अपने दोस्तों और समर्थकों के साथ अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामला पुलिस प्रशासन के पास पहुंचा है। जांच की जा रही है।