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ये गलत है: चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमित युवती का क्वारंटीन सेंटर जाने से इनकार, टीम को लेनी पड़ी पुलिस की मदद

Thu, 16 Dec 2021 02:28 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

युवती मंगलवार को त्वचा संबंधी उपचार के लिए जीएमएसएच-16 पहुंची थी। जहां लक्षणों के आधार पर उसकी कोरोना जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं युवती की मां ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद मरीजों को खाना तक नहीं दिया जाता। ऐसे में उसकी बेटी की क्या स्थिति होगी।
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बापूधाम में लोगों को समझाते पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ के बापूधाम में बुधवार दोपहर निगम की कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम को एक कोरोना संक्रमित युवती को क्वारंटीन सेंटर भेजने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे ही टीम घर पहुंची तो परिवार ने युवती को क्वारंटीन सेंटर ले जाने से इनकार कर दिया। काफी देर बहस के बाद क्वारंटीन टीम ने पुलिस को बुलाया। लगभग एक घंटे तक चली बहस के बाद युवती को मनीमाजरा स्थित सिविल अस्पताल में क्वारंटीन कराया गया। इस दौरान युवती की उम्र को लेकर काफी असमंजस बना रहा। इस दौरान आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कमल कुमार भी मौके पर पहुंच गए और रिपोर्ट में दिए गए नाम को सत्यापित करने के लिए कहने लगे। टीम ने कहा कि नाम सत्यापित करने के बाद ही युवती को क्वारंटीन करने ले जा रहे हैं।

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टीम के अनुसार युवती मंगलवार को त्वचा संबंधी उपचार के लिए जीएमएसएच-16 पहुंची थी। जहां लक्षणों के आधार पर उसकी कोरोना जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। युवती की मां ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद मरीजों को खाना तक नहीं दिया जाता। ऐसे में उसकी बेटी की क्या स्थिति होगी। उन्होंने उसे घर पर ही क्वारंटीन करने की बात कही, लेकिन मानक के अनुसार जगह न होने के कारण टीम ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। 

परिजनों का विरोध बढ़ने पर बीच-बचाव करने आप के कार्यकर्ता भी आ गए। उन्होंने जांच रिपोर्ट में दी गई उम्र का युवती की उम्र से अलग होने का बिंदु उठाकर रिपोर्ट को गलत साबित करने का भी प्रयास किया, लेकिन टीम ने कहा कि पूरे सत्यापन के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जा रही है।

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उम्र को लेकर बना असमंजस

टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या युवती की उम्र को लेकर आई। जांच रिपोर्ट में युवती की उम्र 22 साल थी, वहीं टीम के पास आई रिपोर्ट में उसकी उम्र 21 साल थी। परिजनों के अनुसार युवती की उम्र 27 साल है। ऐसे में असमंजस की स्थिति बन गई। स्वास्थ्य विभाग और निगम की टीम ने रिपोर्ट का सत्यापन करने बाद तय किया कि इसी लड़की की रिपोर्ट है, उसके बाद उसे क्वारंटीन सेंटर भेजा गया।

युवती के पिता ने फल की रेहड़ी बंद करने से किया इनकार
युवती का पिता घर के बाहर फल का ठेला लगाता है। टीम ने पिता को अगले 10 दिनों तक घर के अंदर रहने और फल का ठेला न लगाने को कहा। युवती के पिता ने कहा कि उसे रोजीरोटी के लिए ठेला लगाना पड़ेगा, वह अपना काम बंद नहीं कर सकता। टीम ने एसडीएम को पत्र लिखकर इस संबंध में सूचना दे दी है। साथ ही मानकों का पालन न करने पर केस दर्ज करने को कहा है।

महिला पर हो चुकी है एफआईआर
पिछले दिनों दक्षिण अफ्रीका से लौटी महिला द्वारा होम क्वारंटीन के मानकों की अवहेलना करने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इसके बावजूद संक्रमण को लेकर इस तरह की अनदेखी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसी मनमर्जी पर काबू नहीं लगाया गया तो स्थिति दूसरी लहर से भी ज्यादा गंभीर होगी।

चूड़ीवाले मोहल्ले के सभी 133 की रिपोर्ट निगेटिव
निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि मनीमाजरा के चूड़ीवाले मोहल्ले से लिए गए सभी 133 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं इटली से लौटे ओमिक्रॉन संक्रमित युवक समेत अन्य पांच कोरोना संक्रमितों की स्थिति सामान्य बनी हुई है। सभी जीएमएसएच-16 में क्वारंटीन हैं। वहीं कोरोना संक्रमित उन पांचों व्यक्तियों की जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट भी जल्द आने की उम्मीद जताई जा रही है।
तीसरी लहर के बीच ओमिक्रॉन जैसे नए वैरिएंट की चेतावनी को लोग हल्के में ले रहे हैं। यह बेहद गंभीर स्थिति है। हमें खुद के साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी स्थिति से बचाव के प्रति आगाह करना होगा। जिन्होंने टीका नहीं लगवाया, वे जल्दी दोनों खुराक लगवाएं। जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आए वे अपने और परिवार के लिए ही सही बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन करें।  - डॉ. आरएस बेदी, डब्ल्यूएचओ के पूर्व परामर्शदाता
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