यूटी हाउसिंग बोर्ड की ओर से आयोजित यूटी कर्मचारियों के लिए आयोजित मकानों के ड्रॉ में असफल रहे कर्मचारी अब कोर्ट का रूख करेंगे।
इसके लिए ड्रॉ में असफल रहे कर्मचारियों ने एक बैनर तले शुक्रवार शाम 4 बजे सेक्टर 16 स्थित शांतिकुंज में मीटिंग करेंगे। इस बैठक में कोर्ट में केस करने को लेकर विचार किया जाएगा।
ड्रॉ में असफल रहे कर्मचारियों के प्रधान गुलिया ने बताया कि यूटी हाउसिंग बोर्ड ने चार हजार कर्मचारियों के साथ धोखा किया है।
उन्होंने बताया कि मीटिंग का उद्देश्य कोर्ट में आगे की कार्रवाई को लेकर की गई है। इसमें असफल आवेदकों से विचार विमर्श कर आगे का फैसला लिया जाएगा।
यह है मामला
प्रधान गुलिया ने बताया कि वर्ष 2008 में प्रशासन ने सीएचबी सेल्फ हाउसिंग स्कीम के तहत सेक्टर 52 व 56 में पहले लगभग 45 व बाद में 73 एकड़ भूमि में कर्मचारियों के लिए कुछ मकान बनाने की योजना बनाई थी।
इसमें अपना घर होने की चाह में यूटी प्रशासन के 7827 कर्मचारियों ने आवेदन किए थे। इसका ड्रॉ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने 4 नवंबर 2010 को निकाला था।
इस ड्रॉ में लगभग 4000 कर्मचारी असफल रहे। इन कर्मचारियों ने अब कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट का रूख करने का निर्णय किया।