विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह।
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अमृतसर उत्तर विधानसभा से आम आदमी पार्टी के विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब सरकार द्वारा की गई दो आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। लोगों के बाद अब कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अमृतसर से पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल को हटाने का विरोध किया।
हाल में भगवंत मान सरकार ने कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया था। इनमें अमृतसर के पुलिस कमिश्नर अरुण पाल सिंह और इंटेलिजेंस विभाग के डीजीपी प्रबोध कुमार की नियुक्ति भी शामिल थी। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सरकार से इन दोनों नियुक्तियों पर विचार करने की अपील की थी।
उन्होंने कहा कि उक्त दोनों अधिकारी बहिबलकलां और कोटकपुरा गोलीकांड में एसआईटी के उच्चाधिकारी थे। उन्होंने बड़े नेताओं को बचाने की कोशिश की थी। इस मामले में न्याय न मिलने में यह अधिकारी ही जिम्मेदार थे। बता दें कि कुंवर विजय प्रताप सिंह भी बेअदबी मामले में एसआईटी अधिकारी थे। तब उन्होंने रिपोर्ट बना कर कार्रवाई के लिए सरकार को भेजी पर तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने नौ अप्रैल 2021 को आईजी पद से इस्तीफा दे दिया।
अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल ने उन्हें आम आदमी पार्टी ज्वाइन करवा दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि किसी को बेअदबी के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। जिन्होंने बेअदबी मुद्दे पर राजनीति की, उन्हें सर्वोत्तम अदालत ने दंडित किया। मेरे इस्तीफे से ईष्या करने वाले दोनों राजनीतिक परिवारों को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने दंडित किया।
अब यह दोनों परिवार पंजाब के राजनीतिक मैदान पर कभी नहीं आएंगे। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोगों को आप सरकार से बेअदबी मामले में काफी उम्मीद हैं। इस पोस्ट के मीडिया में आने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने डिलीट कर दिया। उन्होंने फेसबुक पर एक नई पोस्ट डालते हुए लिखा कि उन्हें आईजी के पद से इस्तीफा दिए एक साल हो गया। आप ने उन्हें हलका उत्तरी से टिकट दी थी, जिसके बाद उन्होंने भारी बहुमत से जीत भी हासिल की।