पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कारोना के पंजाब में बढ़ते मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित करवाने पर पंजाब सरकार व सीयू से जवाब तलब कर लिया है। मनप्रीत कौर व अन्य ने एडवोकेट विभव गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि यूजीसी ने 5 नवंबर 2020 को यूनिवर्सिटी व कॉलेज खोलने के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे।
15 जनवरी 2021 सीयू में लॉ के छठे सेमेस्टर की फीस भरने की अंतिम तिथि थी। सीयू के वीसी ने 18 जनवरी को आदेश जारी कर ऑफलाइन परीक्षा अनिवार्य कर दी। साथ ही स्पष्ट किया गया कि 26 मार्च के बाद कक्षाएं ऑनलाइन नहीं, बल्कि कैंपस के भीतर होंगी। विद्यार्थियों ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में लगातार कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। जहां एक ओर सोशल डिस्टेंसिंग का आह्वान किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर ऑफलाइन परीक्षा को अनिवार्य कर छात्रों के जीवन को संकट में डाला जा रहा है।
याची ने कहा कि देश में कोविड के मामले में पंजाब नंबर एक की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही पंजाब में मोहाली में सबसे ज्यादा मामले आ रहे हैं और इस स्थिति को देखते हुए डीसी ने रात का कर्फ्यू लगाने का भी आदेश जारी किया है। ऐसे में याची ने ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने के निर्णय को खारिज करने की अपील करते हुए केवल ऑनलाइन परीक्षाएं ही आयोजित करने के निर्देश जारी करने की अपील की है।
साथ ही उस आदेश को भी खारिज करने की अपील की है, जिसके तहत 26 मार्च के बाद से ऑफलाइन कक्षाएं लगाने का निर्णय लिया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब तलब कर लिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि जो भी जवाब दिया जाए वह कोरोना की वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद दिया जाए।