चूंकि, बीते दिनों इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला हुड्डा के पुत्र दीपेंद्र हुड्डा की तारीफ भी कर चुके हैं। वहीं, पांच नगर निगमों के चुनाव के दौरान हुड्डा गुट करनाल में इनेलो की मेयर उम्मीदवार का भी समर्थन कर चुका है। दोनों नेताओं की नजदीकियां क्या रंग लाती हैं, ये तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन हुड्डा ने कयासों पर फिलहाल विराम लगाने की कोशिश की है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बातचीत में कहा कि अभय चौटाला के साथ किसी मुद्दे पर बातचीत नहीं हुई। अभय उनका हालचाल पूछने आए थे, इसलिए मैंने भी उनका कुशलक्षेम जाना। इसके और मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
रामबिलास की सलाह, कांग्रेस वालों के साथ न जाना अभय
संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा कि चौधरी देवीलाल का डीएनए है, सबके साथ समझौते किए पर कांग्रेस के साथ कभी नहीं किया। इसलिए मेरी सलाह है अभय कांग्रेस के साथ मत जाना। भाजपा तो राजनीतिक गंगा है, पिछले सत्र में उनकी इस बात का कुछ विधायकों पर असर हुआ है। अभय भी हमारी बात धीरे-धीरे मान रहे हैं।