रेवड़ियों की तरह बनाएं गए लाइसेंस
नेताओं व अधिकारियों ने मिलकर पंजाब में रेवड़ियों की तरह लाइसेंस बांटे हैं। कमिश्नरेट इलाकों को छोड़कर पंजाब के अन्य इलाकों में लाइसेंस जारी करने का अधिकार डीसी के पास होता है। डीसी कार्यालय थानेदार की सिफारिश पर लाइसेंस जारी करता है। पुलिस अपनी जांच में बताती है कि आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक केस है या नहीं।
यह प्रक्रिया है लाइसेंस की
लाइसेंस आवेदन करने वाले को डोप टेस्ट करवाना पड़ता है, उसकी रिपोर्ट के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड व दो साल की आयकर रिटर्न को लगाकर आवेदन करना पड़ता है। साथ ही बताना पड़ता है कि हथियार की जरूरत क्यों है? थानेदार अगर जरूरत समझे तो वह खुफिया विभाग से रिपोर्ट मांग सकता है लेकिन यह नेटवर्क इतना मजबूत होता है कि नीचे से लेकर बडे़ साहब तक फाइल ओके लिखकर बढ़ा देते हैं। एडीजीपी अर्पित शुक्ला का कहना है कि जिन लोगों ने स्टेटस सिंबल के लिए लाइसेंस ले रखे हैं, उन पर शिकंजा कसा जाएगा।
स्टेटस सिंबल का इस्तेमाल शादी ब्याह में जमकर
बठिंडा के मौड मंडी में विवाह समारोह में गोली चलने से घटित घटना में डांसर की मौत हो चुकी है। होशियारपुर में विवाह समारोह दौरान गोली से दूल्हा व उसका एक साथी गंभीर घायल होने की घटना के अलावा अमृतसर में भी एक तीन वर्षीय बच्ची की इसी प्रकार की घटना में मौत हो गई थी। जालंधर में कांग्रेसी नेता बलवंत शेरगिल भी लाइसेंस हथियार के कारण जान गंवा बैठे थे।