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Chandigarh News: एस्टेट ऑफिस ने 75 साल के बुजुर्ग को चार साल दौड़ाया, आयोग ने ठोका 8500 रुपये जुर्माना

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ राइट टू सर्विस कमीशन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एस्टेट ऑफिस के पांच अधिकारियों-कर्मचारियों पर जुर्माना ठोका है। सेक्टर-46डी निवासी एक बुजुर्ग को तय समय में सेवा न देने पर यह दंड लगाया गया। शिकायतकर्ता चार साल से अपने घर के एक्सटेंशन शुल्क की जानकारी लेने के लिए एस्टेट ऑफिस के चक्कर काट रहा था जबकि नियम के मुताबिक 35 दिन में यह जानकारी मिलनी थी।
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चंडीगढ़ राइट टू सर्विस कमीशन के मुख्य आयुक्त महावीर सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस के पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर निर्धारित समयसीमा में सेवा न देने के मामले में जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई सेक्टर-46डी निवासी 75 वर्षीय परमजीत सिंह की चार साल पुरानी शिकायत पर हुई। परमजीत सिंह ने अपने मकान का एक्सटेंशन अमाउंट जानने के लिए एस्टेट ऑफिस में आवेदन दिया था। नियमों के मुताबिक लंबित बकाया की गणना और सूचना देने की सेवा 35 कार्य दिवसों के भीतर दी जानी चाहिए थी लेकिन एस्टेट ऑफिस ने चार साल बीतने के बाद भी समय पर सेवा उपलब्ध नहीं कराई। मुख्य आयुक्त ने इस मामले में एस्टेट ऑफिस के ब्रांच इंचार्ज गुरबचन सिंह समेत उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब किया, जिनके-जिनके पास फाइल लंबित रही। गुरबचन सिंह ने माना कि देरी कई अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई। इसके बाद जांच में दोषी पाए गए पांच अफसरों और कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया गया।

शिकायतकर्ता को मिलेगा आधा जुर्माना
कमीशन ने आदेश दिया कि वसूले गए जुर्माने की राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा शिकायतकर्ता परमजीत सिंह को दिया जाएगा। महावीर सिंह ने कहा कि राइट टू सर्विस एक्ट नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं दिलाने के लिए है। यदि कोई अफसर या कर्मचारी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इन पर लगा जुर्माना
1. सरोज खिल्लन, सीनियर असिस्टेंट/अकाउंटेंट - 43 दिन की देरी, 1500 रुपये का जुर्माना
2. सोनल बुजाही, अकाउंटेंट - 48 दिन की देरी, 1500 रुपये का जुर्माना
3. इंदरजीत सिंह, तत्कालीन एसडीओ (बिल्डिंग्स) - 109 दिन की देरी, 3000 रुपये का जुर्माना
4. राजबीर कौर, सीनियर असिस्टेंट/अकाउंटेंट - 41 दिन की देरी, 1500 रुपये जुर्माना
5. अंजना शर्मा, क्लर्क/रिकॉर्ड कीपर - 46 दिन की देरी, 1000 रुपये का जुर्माना
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