शहर के 80 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एंट्री लेवल (नर्सरी-केजी) में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभिभावक पसंद के स्कूल में बच्चों के दाखिले के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। लेकिन सभी स्कूलों में आधे से अधिक सीटें रिजर्व होने से अभिभावकों की परेशानी और बढ़ गई है।
एंट्री लेवल दाखिले में प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की आधे से अधिक सीटें लकी ड्रॉ से पहले ही रिजर्व हो चुकी हैं। स्कूलों ने नोटिस में विभिन्न कोटे के तहत सीटें रिजर्व करने की जानकारी दी है। रिजर्व कोटे की सीटें अधिक होने से जनरल कोटे में दाखिले की संभावना अब और भी कम हो जाएंगी।
अभिभावकों को कम से कम 4-5 स्कूलों में आवेदन फार्म भरना होगा। शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूल में एंट्री लेवल की करीब सात हजार सीटें हैं। दाखिले को लेकर अधिक मारामारी चार कॉन्वेंट स्कूल सेंट जोन, सेक्रेड हार्ट, कार्मल कॉन्वेंट और सेंट ऐंस जैसे स्कूलों में होगी ।
कार्मल कॉन्वेंट स्कूल की कुल 120 सीटों में 55 से 60 सीटें ही जनरल कैटेगरी में होंगी। सेंट जोन स्कूल की 160 में 90 से 100 सीटें ही जनरल कैटेगरी में आएंगी।
सेक्रेड हार्ट की 200 में से आधी सीटें रिजर्व कैटेगरी से भरी जाएंगी। सेक्टर-38 स्थित विवेक हाई स्कूल में प्वाइंट सिस्टम के तहत दाखिला दिया जाएगा। चेयरमैन एचएस मामिक का कहना है कि पहले दाखिला सिबलिंग, एल्युमनी और स्टाफ कोटे को दिया जाएगा। बची सीटों पर ही जनरल कैटेगरी में दाखिला दिया जाएगा।
एंट्री लेवल पर कई तरह की रिजर्वेशन
प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन रिजर्व कैटेगरी की सीटें भरने के बाद ही जनरल कोटे का लकी ड्रॉ आयोजित करता है। स्कूलों में पांच से छह तरह की सीटें रिजर्व हैं। इनमें मैनेजमेंट सीट, सिबलिंग (भाई-बहन), स्कूल एल्युमनी, स्कूल स्टाफ जैसा कोटा बनाया गया है।
सेक्टर-33 स्थित भवन विद्यालय स्कूल ने 10 फीसदी सीटें मैनेजमेंट, 10 फीसदी सिबलिंग, पांच फीसदी एल्युमनी कोटे की सीटें रिजर्व हैं। जुड़वा बच्चों (ट्ंिवस) को भी एक साथ दाखिला देना पड़ता है।
25 फीसदी सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे की
यूटी प्रशासन की ओर से 2016 सत्र से सभी प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों को 25 फीसदी सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे से भरने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन के इस फैसले सेे इस बार जनरल कोटे की सीटें और भी कम हो जाएंगी। पिछले साल प्राइवेट स्कूलों में ही 1200 से अधिक ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटें नहीं भरी गई थीं।
सीटों से आठ गुणा अधिक आवेदन
शहर के टॉप प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में पिछले साल कुल सीटों के मुकाबले आठ से 10 गुणा अधिक आवेदन आते हैं। लेकिन आधी से अधिक सीटों पर रिजर्वेशन से जनरल कैटेगरी में दाखिला और भी मुश्किल हो जाता है। 2015 में शहर के प्रमुख स्कूलों में सीटों के मुकाबले आवेदनों का ब्योरा इस प्रकार है।