चंडीगढ़। सेक्टर-29 और 30 के 200 से ज्यादा मकानों के पीछे अतिक्रमण पर एस्टेट ऑफिस ने फिर शिकंजा कसा है। विभाग ने इन मकानों के मालिकों को दोबारा वॉयलेशन नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि कई लोगों ने घरों के पीछे की दीवारें तोड़कर सड़क की ओर गेट खोल लिए और सरकारी जमीन का निजी इस्तेमाल शुरू कर दिया। कहीं पार्किंग और लॉन बनाए गए हैं तो कहीं लोहे की ग्रिल लगाकर बैठकें और वाहनों के लिए शेड खड़े कर दिए गए हैं। इन मकानों के पीछे से गुजरने वाले साइकिल ट्रैक पर भी इन निर्माणों का असर पड़ रहा है।
सेक्टर-30 में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां सेक्टर-29 और सेक्टर-27 की डिवाइडिंग रोड की ओर बने मकानों के पीछे कई जगह पार्किंग और लॉन विकसित किए गए हैं। कुछ स्थानों पर बड़े हिस्से में लोहे की ग्रिल लगाकर बैठकें बना ली गई हैं। कई मकान मालिकों ने वाहनों को खड़ा करने के लिए शेड भी बना रखे हैं। मकानों के पीछे से साइकिल ट्रैक गुजरता है। अतिक्रमण और निर्माण के कारण ट्रैक तक पहुंचने और उस पर आवाजाही में लोगों को परेशानी होने की बात सामने आई है। निजी इस्तेमाल के लिए विकसित किए गए हिस्सों से सार्वजनिक क्षेत्र का स्वरूप भी प्रभावित हुआ है।
पहले भी जारी हो चुके हैं नोटिस
एस्टेट ऑफिस इन मकानों के मालिकों को पहले भी वॉयलेशन नोटिस जारी कर चुका है। अब दोबारा नोटिस जारी होने के बाद सवाल यह है कि पहले की कार्रवाई के बावजूद उल्लंघन क्यों बने रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मामलों में नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई नहीं हुई, जिससे अतिक्रमण कायम रहा।
सरकारी जमीन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब
शिकायतों में कुछ मकानों के पीछे सरकारी जमीन के निजी इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। यहां ग्रिल, बैठक, पार्किंग, लॉन और शेड बनाए जाने की बात कही गई है। एस्टेट ऑफिस ने अब संबंधित मकान मालिकों से जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।