शहर की प्रमुख मार्केटों में अतिक्रमण को नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग नाकाम साबित हो रही है। अतिक्रमण रोकने के लिए निगम के पास न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही उन्हें पुलिस का सहयोग मिल रहा है।
हालात यह हैं कि इंफोर्समेंट विंग के आते ही दुकानदार अतिक्रमण हटा लेते हैं और उनके जाने के बाद फिर से सामान दुकानों के बाहर सज लेते हैं।
इतना ही नहीं सात बजे के बाद तो इंफोर्समेंट विंग के स्टाफ छुट्टी करके चला जाता है। ऐसे में अतिक्रमण रोकने वाला कोई नहीं होता और पुलिस भी कुछ नहीं कर पाती।
इस बारे में इंफोर्समेंट विंग के सुपरिटेंडेंट कश्मीरा सिंह ने बताया कि उनके स्टाफ की ड्यूटी सभी मार्केट में लगी होती है, लेकिन जब वे चले जाते हैं तो अतिक्रमण रोकना मुश्किल हो जाता है।
इसको लेकर पुलिस को भी सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने कहा अतिक्रमण हटाने में पुलिस का पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है।
फिर भी हो रहा अतिक्रमण
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद इंफोर्समेंट विंग ने सेक्टर-22,19 और 15 की मार्केटों में अतिक्रमण हटाने को लेकर सक्रिय है। इसके बावजूद मार्केटों में खुलकर अतिक्रमण हो रहा है।
सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट और सेक्टर-15 की मार्केट का हाल रोज जैसा था और यहां खुलेआम अतिक्रमण किया गया। कश्मीरा सिंह ने बताया कि रविवार को सेक्टर-22,19 और 15 की मार्केट से करीब 30 लोगों के चालान काटे गए।
सेक्टर-22 मार्केट का सर्वे
कश्मीरा सिंह ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट का एक सर्वे किया है और इसकी रिपोर्ट एस्टेट ऑफिस को भेजी जा चुकी है। यहां लोगों ने अपनी दुकानों की दीवारें तक किराये पर चढ़ा रखी हैं।