चारों ओर खुले रास्ते, स्कूल के लिए निर्धारित प्लॉट बन गया डंपिंग ग्राउंड और सड़कें टूटी-फूटी...। यह हाल है सेक्टर-17 एक्सटेंशन का।
15 नवंबर को सेक्टरवासियों ने हुडा एडमिनिस्ट्रेटर को इन तमाम समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन समाधान अब भी कोसों दूर है।
एक्सटेंशन वासियों ने इन्हीं मुद्दों पर बैठक की और निर्णय लिया कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो पांच दिसंबर को हुडा प्रशासक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।
सेक्टर-17 एक्सटेंशन के एरिया प्रधान महेश नयन ने कहा कि वर्षों पहले स्कूल और क्रेच के लिए जगह तय होने के बावजूद यहां कोई निर्माण नहीं हुआ।
मकान नंबर 914-921 के बाहर की जगह को ग्रीन बेल्ट में विकसित करने, हरियाणा, पंजाब और यूटी को जोड़ने वाली राजीव कालोनी और सेक्टर-17 की डिवाइडिंग रोड की जर्जर हालत को ठीक करने, डंपिंग रोकने की शिकायत दी गई।
इसके बावजूद अभी तक समस्या हल करने पर कोई पहल नहीं की गई। हुडा अधिकारियों के साथ एक्सटेंशन वासियों की मीटिंग भी हो चुकी है, लेकिन हालात नहीं बदले। बैठक में दर्जनों लोगों ने अपने विचार साझा किए और एक्सटेंशन की हालत सुधारने के लिए सुझाव भी दिए।
लावारिस पशुओं की समस्या
लोगों की शिकायत है कि यहां लावारिस पशुओं की तादाद बढ़ गई है। इससे न केवल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, बल्कि जगह-जगह गंदगी बढ़ती जा रही है।
खाली प्लाट बना सिरदर्द
स्कूल और क्रेच के लिए नियत जगह पर मलबा गिराया जा रहा है। एक्सटेंशन वासियों की शिकायत है कि आसपास के कुछ लोग सुबह और रात को खुले में शौच भी करते हैं, जिसके बदबू फैलती है।