पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) से जुड़े मुलाजिम या अधिकारी अब मैनेजमेंट की मंजूरी के बिना किसी भी सरकारी, निजी या वित्तीय संस्थाओं से लोन नहीं ले पाएंगे। अगर कोई नियमों के विपरीत जाकर लोन लेता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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इस संबंधी बोर्ड की तरफ से सभी शाखाओं, डिपुओं, स्कूलों और क्षेत्रीय कार्यालयों को आदेश जारी किए गए हैं। सभी शाखाओं के हेड को इसके लिए जिम्मेदार बनाया गया है जिन्हें उक्त आदेश सख्ती से लागू करवाने होंगे। पीएसईबी पंजाब सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक है। इसमें 2200 से अधिक मुलाजिम सेवाएं दे हैं जबकि इतने ही लोग पेंशनर हैं। सूत्रों से पता चला है कि कुछ समय पहले बोर्ड के कई मुलाजिमों ने विभिन्न बैंकों से लोन लिया था, लेकिन इनके द्वारा समय से लोन की किस्तें नहीं भरी गईं। इससे वे डिफॉल्टर बन गए हैं। लोन से जुड़े इस तरह के मामले कोर्ट भी पहुंच रहे हैं जिसमें बोर्ड की छवि को ठेस पहुंच रही थी।
सूत्रों की माने तो कुछ मामलों में तो बैंकों ने बोर्ड को पार्टी तक बनाया था जबकि बोर्ड का किसी तरह का लेना-देना नहीं था। जैसे ही यह मामला अधिकारियों के ध्यान में आया तो इस चीज पर मंथन हुआ। साथ ही सर्वसम्मति से तय हुआ कि अगर बोर्ड की मंजूरी से काेई लोन लेता है तो इस तरह के केस कम हो जाएंगे। हालांकि इस आदेश से कुछ मुलाजिम चिंता में भी हैं। उनका कहना है कि जब पैसे की किस्तें उन्हें भरनी हैं तो फिर मंजूरी क्या जरूरत है।