चंडीगढ़। सेक्टर-7 स्थित आर्य समाज में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें वैदिक विद्वान सार्थक विद्यार्थी ने वेदों के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ, संतुलित और संस्कारयुक्त बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य अमितेश पुरोहित ने वैदिक यज्ञ से किया।
सार्थक विद्यार्थी ने कहा कि वेद ईश्वर की दिव्य वाणी हैं, जो मानव को धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि पूजा का वास्तविक अर्थ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि अच्छे कर्म करना, कर्तव्यों का पालन करना तथा माता-पिता, गुरु और श्रेष्ठजनों का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि संसार की सभी वस्तुएं विवेकपूर्ण उपयोग के लिए हैं, उनसे आसक्ति नहीं रखनी चाहिए। महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाकर मानवता को नई दिशा दी। योग, आत्मसंयम और शुद्ध विचारों से ही परमात्मा की अनुभूति संभव है। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान रवींद्र तलवाड़, प्रकाश चंद्र शर्मा, डॉ. विनोद कुमार शर्मा, सुरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में आर्यजन उपस्थित रहे।