गौ सेस लगाने के बाद शहर में एक बार फिर से बिजली महंगी होने जा रही है। अब बिजली नगर निगम द्वारा लगाए गए टैक्स के कारण महंगी हो रही है। नगर निगम ने पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर बिजली की हर यूनिट पर दो प्रतिशत म्युनिसिपल सेस लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव 26 जुलाई को होने वाली सदन की बैठक में चर्चा के लिए आ रहा है। बिजली पर नगर निगम सेस लगने से नगर निगम को हर साल 10 करोड़ की कमाई होगी।
मालूम हो कि पिछले माह ही नगर निगम ने बिजली की प्रति यूनिट पर दो पैसे गौ सेस लगाने का फैसला लिया है। जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसमे पंजाब व हरियाणा का भी जिक्र किया गया है। मालूम हो कि पहले से ही जेईआरसी ने इस साल अप्रैल माह से बिजली के रेट बढ़ाए हैं।
शहर में कुल 2.25 लाख बिजली के उपभोक्ता है जिनमे से एक लाख 75 हजार कनेक्शन घरेलू है। जबकि नगर निगम ने जो दो प्रतिशत सेस लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है वह घरेलू और व्यवसायिक दोनो कनेक्शन पर लागू होगा। प्रशासन के अनुसार हर साल 17500 लाख यूनिट बिजली की खपत शहर में होती है जबकि गर्मियों में प्रतिदिन 54 लाख यूनिट की खपत होती है। जबकि शहर में सर्दियों में प्रतिदिन 34 लाख यूनिट की खपत होती है।
नगर निगम कमिश्नर केके यादव का कहना है कि पंजाब व हरियाणा के अलावा कई राज्यों के नगर निगम में बिजली की प्रति यूनिट पर सेस लिया जा रहा है। इसलिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिस पर अंतिम निर्णय सदन को लेना है।