चंडीगढ़ के 2 लाख 50 हजार उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका लगा है। चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) की ओर से बिजली दर बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। राजनीतिक दल और बाकी संगठनों के विरोध के बावजूद बढ़े रेट के साथ अब बिजली मिलेगी। एक नवंबर से इसको लागू कर दिया जाएगा।
गैर-घरेलू (कॉमर्शियल) उपभोक्ताओं के लिए दरें
दिल्ली-पंजाब मॉडल की तरह 200 यूनिट फ्री बिजली का प्रस्ताव खारिज
कई उपभोक्ताओं ने मांग की थी कि दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए। इस पर सीपीडीएल ने स्पष्ट किया कि बिजली सब्सिडी देना राज्य सरकार का अधिकार है, आयोग का नहीं। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 65 के अनुसार किसी भी वर्ग के उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी का निर्णय संबंधित राज्य सरकार द्वारा किया जा सकता है।
वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ताओं के हित में टैरिफ वृद्धि जरूरीः आयोग
कई उपभोक्ताओं ने सुझाव दिया था कि घरेलू बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए। इस पर चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लागत-आधारित टैरिफ तय करना जरूरी है। आयोग ने भी माना कि वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ताओं के हित में टैरिफ वृद्धि जरूरी है इसलिए टैरिफ बढ़ोतरी को बरकरार रखते हुए इसे उचित बताया गया है।
आम आदमी पार्टी ने दर्ज किया विरोध
आम आदमी पार्टी ने इसका विरोध किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह का कहना है कि बिजली को निजी हाथों में देकर सरकार लोगों को लूट रही है। इसकी संभावना पहले से थी। इस लूट में भाजपा की मिलीभगत है। हम आवाज उठाएंगे।
भाजपा ने कहा- अभी पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी, देखने के बाद कुछ भी कहा जाएगा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा का कहना है कि अभी पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है। उसको देखने के बाद ही कहना संभव होगा। बिजली के नए रेट बढ़ाने के मामले में पूरी स्टडी की जाएगी।
आईसीएफ ने आदेश के जटिल बताया
इंडियन सिटीजन फोरम के अध्यक्ष एसके नायर और सचिव नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा जारी आदेश काफी जटिल है और इसमें कई नए बदलाव किए गए हैं। प्रत्येक पुरानी श्रेणी में अब नई उप-श्रेणियां बनाई गई हैं। बीपीएल श्रेणी के तहत अब 250 वाट लोड या 100 यूनिट प्रति माह की नई सीमा तय की गई है। यहां तक कि स्मॉल पावर इंडस्ट्रियल कैटेगरी को समाप्त कर दिया गया है। अब केवल सिंगल एलटी इंडस्ट्रियल सप्लाई के लिए 85 किलोवाट तक के लोड पर तीन स्लैब बनाए गए हैं। इसमें 1 से 500 यूनिट, 501 से 1000 यूनिट और 1000 यूनिट से अधिक प्रति महीने का प्रावधान रखा गया है।
घरेलू में पुरानी दर
यूनिट स्लैब रेट
कामर्शियल में पुरानी दर
यूनिट स्लैब रेट