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Chandigarh News: हरियाणा में बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी, 300 यूनिट तक मासिक शुल्क खत्म

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बल्क सप्लाई में 40 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि, आयोग का दावा अब भी टैरिफ पड़ोसी राज्यों से कम
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा और निकाय चुनाव के बाद हरियाणा के 81 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। प्रदेश में घरेलू बिजली के श्रेणी-1 उपभोक्ताओं के (0-50 व 51-100) और श्रेणी-2 (0-150) में बिजली दर में 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि की गई है। हालांकि 151 से 300 और 500 यूनिट अधिक मासिक बिजली खर्च करने वालों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा बल्क उपभोक्ताओं के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि हुई है। वहीं, नए टैरिफ ढांचे में न्यूनतम मासिक शुल्क (एमएमसी) के बोझ को खत्म करके परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई गई है।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने नई टैरिफ व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसमें 300 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई निश्चित शुल्क नहीं लगाया जाएगा, जो अब तक 115 से 125 रुपये तक अलग-अलग श्रेणियों में लगता था। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग का दावा है कि श्रेणी-1 घरेलू उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ अभी पड़ोसी राज्यों में सबसे कम है। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को लोड के आधार पर 3 श्रेणियों में बांटा गया है। कुल घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 78 प्रतिशत लोग 2 किलोवाट तक लोड वाले हैं। लगभग 16 फीसदी 2 से 5 किलोवाट तक और केवल 6 फीसदी 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले हैं।
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स्लैब में बदलाव
151-250 के स्लैब को बदलकर अब 151 से 300 यूनिट तक कर दिया है। दूसरे स्लैब 251 से 500 यूनिट को बदलकर अब 301 से 500 यूनिट कर दिया गया है। 501 से 800 वाले स्लैब को बदलकर अब 500 यूनिट के ऊपर का एक स्लैब माना जाएगा।
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151 से 300 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों के दाम नहीं बढ़े

दो किलोवाट तक लोड पर बिल प्रति यूनिट
यूनिट पुरानी दर नई दर बढ़ोतरी
0-50 यूनिट 2.00 रुपये 2.20 रुपये 20 पैसे

51-100 यूनिट 2.50 रुपये 2.70 रुपये 20 पैसे

पांच किलोवाट से अधिक लोड पर बिल प्रति यूनिट
यूनिट पुरानी दर नई दर बढ़ोतरी

150 तक 2.75 2.95 20 पैसे

151-300 5.25 5.25 शून्य
301-500 6.30 6.45 15 पैसे

500 से अधिक 7.10 7.10 शून्य

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किसानों को राहत, टैरिफ हुआ कम
किसानों को और अधिक राहत देने के लिए मीटर कनेक्शन वाली कृषि श्रेणी के लिए टैरिफ में कमी की गई है। इसमें लोड के अनुसार मासिक न्यूनतम शुल्क (एमएमसी) को मौजूदा टैरिफ 200 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष से घटाकर 180 व 144 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष किया गया है। मशरूम कंपोस्ट और स्पॉन, हाईटेक हाइड्रोपोनिक्स, हाईटेक एरोपोनिक्स और कोल्ड स्टोरेज जैसे उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि उद्योग व एफपीओ के लिए 20 किलोवाट से ऊपर नया टैरिफ स्लैब बनाया गया है। इस निर्णय के साथ उपर्युक्त इकाइयों के लिए टैरिफ अब 6.50 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। पहले 20 किलोवाट से अधिक लोड वाली एफपीओ इकाइयों को एलटी आपूर्ति श्रेणी के लिए लागू टैरिफ के साथ बिल भेजा जा रहा था।
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एफएसए पहले ही 2026 तक बढ़ा चुकी सरकार
हरियाणा सरकार ने ईंधन समायोजन शुल्क (एफएसए) को साल 2026 तक बढ़ाया हुआ है। इसके तहत बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली बिल के हिसाब से 47 पैसे अतिरिक्त देना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4520.24 करोड़ रुपये का अनुमानित घाटा बताकर बिजली कंपनियों ने दाम बढ़ाने की मांग की थी।
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