चंडीगढ़। सेक्टर 17 स्थित बिजली कार्यालय के सामने यूटी पावरमेन यूनियन ने सोमवार को धरना दिया। कर्मचारियों ने लंबित मांगों का समाधान न होने पर काली दिवाली मनाने और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। यूनियन ने तीन नवंबर को दोबारा विशाल धरना देने का एलान किया है।
धरने की अध्यक्षता यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह ने की। महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि बिजली कर्मचारियों को निजी कंपनी के हवाले किया गया है। इससे उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा बचाने के लिए अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने सीपीडीएल प्रबंधन पर कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। प्रशासन और कंपनी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि पिछले दो वर्षों से कर्मचारियों की दर्जनों मांगें लंबित हैं।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने निजी कंपनी में भेजे गए कर्मचारियों का सरकारी दर्जा बरकरार रखने की मांग की। उन्हें प्रशासन के अन्य विभागों में समायोजित करने की भी मांग उठाई गई। प्रोविजनल अवधि से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य लाभ देने की मांग की गई। लंबित पदोन्नतियां करने और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी शामिल है। यूनियन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बढ़ रही दुर्घटनाओं पर भी चिंता जताई।