शहर के बिजली उपभोक्ताओं को अगले वित्तीय वर्ष से पीक ऑवर में बिजली का इस्तेमाल करने पर ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। यूटी में अगले साल से बिजली के रेट दिन में तीन अलग-अलग समय के हिसाब से तय होंगे। पीक ऑवर में बिजली का रेट सामान्य रेट से 20 फीसदी तक अधिक होगा। साथ ही ऑफ पीक ऑवर में बिजली के रेट 10 फीसदी तक कम होंगे।
सर्दी, गर्मी और मानसून में पीक ऑवर अलग-अलग होंगे। ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के निर्देश पर प्रशासन अगले साल से शहर में मल्टी ईयर टैरिफ (एमवाईटी) लागू कर रहा है। प्रशासन को अगले माह तक जेईआरसी को बिजनेस प्लान सौंपना है।
इसके लिए बिजली विभाग ने कंसल्टेंट नियुक्त करेगा। मल्टी ईयर टैरिफ प्लान 1 अप्रैल, 2015 से लेकर 31 मार्च, 2018 तक के लिए बनेगा। ऐसे में शहर में तीन सालों तक बिजली के रेट में कोई बदलाव नहीं होगा।
उपभोक्ता पर हर साल नहीं पड़ेगा बोझ
मल्टी ईयर टैरिफ लागू होने से बिजली विभाग को हर साल बिजली के रेट में बढ़ोतरी को लेकर जेईआरसी के पास याचिका दायर नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही लोगों पर भी हर साल बोझ नहीं पड़ेगा। बता दें कि चंडीगढ़ में तीन सालों तक बिजली के रेट में लगातार बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि, पिछले दो सालों से जेईआरसी रेट में बढ़ोतरी की मंजूरी नहीं दे रहा है।
यूटी के बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (एसई) एमपी सिंह ने कहा कि मल्टी ईयर टैरिफ के लिए बिजनेस प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगले माह उन्हें बिजनेस प्लान जेईआरसी को भेजना है। ध्यान रहे कि शहर में पहले मल्टी ईयर टैरिफ प्लान 2014 से लागू होना था।
लेकिन, जेईआरसी ने इसे एक साल के लिए टाल दिया था। जेईआरसी ने शहर में मल्टी ईयर टैरिफ प्लान को लागू करने से पहले शहर के लोगों की राय भी ली है और लोगों ने इस प्लान को सराहा है।
ऐसे तय होंगे रेट
मल्टी ईयर टैरिफ प्लान के तहत गर्मी में पीक ऑवर सुबह 10 से शाम 6 बजे तक होगा। जबकि, ऑफ पीक ऑवर रात 11 से सुबह 7 बजे तक होगा। सामान्य ऑवर सुबह 7 से 10 बजे और शाम 6 से रात 11 बजे तक होंगे।
पीक ऑवर में बिजली के रेट सामान्य से 10 से 20 फीसदी अधिक होंगे और ऑफ पीक में 5 से 10 फीसदी कम होंगे। इसी तरह से सर्दी और मानसून का पीक ऑवर का समय अलग होगा।