चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण के कारण राज्यों से अनुमति नहीं मिलने के कारण शनिवार को पंजाब विश्वविद्यालय ने सभी वर्गों के चुनाव स्थगित कर दिए। पीयू प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार हालात सामान्य होने पर नई तारीखों का एलान किया जाएगा। पीयू ने इससे पहले पुसा और पुकसा के चुनाव बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए अगले आदेशों तक स्थगित कर दिए थे।
पीयू की ओर से जारी निर्देश में लिखा है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के टेक्निकल कॉलेजों के प्राचार्यों और कर्मचारियों के सीनेट चुनाव 3 मई को पंजाब के विभिन्न जिलों में आयोजित होने थे। इसे लेकर पीयू ने पंजाब के जिलों के डीसी से अनुमति मांगी थी। इसके जवाब में शुक्रवार को पंजाब के मुख्य सचिव ने पीयू रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर चुनाव स्थगित करने की सलाह दी थी। इसके बाद अब पीयू ने सभी वर्गों के चुनाव स्थगित कर दिए।
स्नातक वर्ग के लिए भी राज्यों ने अनुमति ली थी वापस
स्नातक वर्ग के चुनाव करवाने के लिए पीयू 6 राज्यों में मतदान बूथ बनाता है। इसमें 5 राज्यों ने चुनाव की अनुमति दे दी थी। केवल हरियाणा से अनुमति मिलनी बाकी थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हिमाचल प्रदेश ने भी अनुमति वापस ले ली थी। उसके बाद शनिवार को पंजाब ने भी अपने यहां चुनाव आयोजित करवाने के लिए अनुमति नहीं दी। ऐसे में 16 मई को होने वाले स्नातक चुनाव भी टाल दिए गए। पंजाब यूनिवर्सिटी सभी 6 राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा की अनुमति के बिना स्नातक वर्ग के चुनाव नहीं करवा सकती है, क्योंकि अकेले इसी वर्ग के चुनाव में 3.16 लाख से अधिक मतदाता हैं। इसके लिए इन सभी राज्यों में मतदान बूथ बनाए जाने थे। पीयू ने अप्रैल की शुरुआत में सभी छह राज्यों को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश संलग्न कर सीनेट चुनाव करवाने के लिए अनुमति पत्र भेजा था। इसमें हरियाणा को छोड़कर सभी राज्यों ने अनुमति दे भी दी थी, लेकिन अभी बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी राज्य पीछे हट गए।