मेयर चुनाव को लेकर विवाद हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अब सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव का विवाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। आप व कांग्रेस के गठबंधन से दोनों पदों के उम्मीदवारों की ओर से याचिका हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल कर दी गई है। हाईकोर्ट जल्द ही इस याचिका पर सुनवाई करेगा।
गठबंधन के दोनों उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह और निर्मला देवी ने याचिका दाखिल कर बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव 30 जनवरी को तय किया गया था। याचिका में आरोप है कि पीठासीन अधिकारी ने मेयर चुनाव के लिए मतदान पूरा होने के बाद मत पत्रों से छेड़छाड़ कर आप और कांग्रेस गठबंधन के आठ वोट अवैध करार दे दिए। ऐसा करके गठबंधन के मेयर पद के लिए उम्मीदवार कुलदीप कुमार को हारा हुए घोषित कर दिया गया। उसी वक्त गठबंधन ने इसका विरोध किया था लेकिन उनकी एक नही सुनी गई। इसके कारण उन्होंने सदन से वॉकआउट आउट कर दिया था।
सदन से उनके वॉकआउट आउट के बाद भाजपा के मेयर ने उनकी गैर-मौजूदगी में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव करवा लिया। ऐसे में याचिकाकर्ता गठबंधन की गैर-मौजूदगी में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर भी भाजपा के प्रत्याशियों को विजयी घोषित किया गया जो पूरी तरह से गलत और अलोकतांत्रिक था। अब इस याचिका में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव रद्द कर नए सिरे से हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में चुनाव संपन्न करवाने की मांग की है। इसके साथ ही याचिका लंबित रहते मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के सेवाएं देने पर रोक लगाने की अपील की है।