चंडीगढ़ नगर निगम में नए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 29 जनवरी को होगा। तीन दशक में पहली बार मेयर का चुनाव पर्ची से नहीं बल्कि हाथ उठाकर कराया जाएगा। इस फैसले से क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर पूरी तरह अंकुश लग जाएगा।
मेयर चुनाव की पूरी प्रक्रिया की लगातार वीडियोग्राफी कराई जाएगी। वीडियो रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की एडिटिंग नहीं होगी और इसे कम से कम 90 दिन तक सुरक्षित रखा जाएगा। सीमित स्तर पर मीडिया कवरेज और लाइव प्रसारण की भी अनुमति दी जाएगी। 29 जनवरी को होने वाली चुनावी बैठक के लिए पार्षद डॉ. रमनीक सिंह बेदी को पीठासीन प्राधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पूरी प्रक्रिया का संचालन करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी पार्षद अपने साथ समर्थक या निजी सुरक्षा कर्मी नहीं ला सकेगा। केवल अधिकृत लोगों को ही नगर निगम परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। चंडीगढ़ पुलिस को पूरे सुरक्षा इंतजाम संभालने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी निशांत यादव ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की अव्यवस्था या दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। 29 जनवरी को होने वाला यह चुनाव न केवल नगर निगम की सत्ता का फैसला करेगा बल्कि शहर की राजनीति की दिशा भी तय करेगा।
मेयर चुनाव की तारीख घोषित होते ही शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मौजूदा समय में सदन की संख्या 36 है। इनमें भाजपा के 18, आम आदमी पार्टी के 11, कांग्रेस के 6 पार्षद और एक सांसद का वोट शामिल है। बहुमत के लिहाज से भाजपा को एक अतिरिक्त वोट की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार अगले दो से तीन दिन में विपक्ष के कुछ पार्षदों की भाजपा में ज्वाइनिंग हो सकती है। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रत्याशी संजय टंडन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- 29 जनवरी को चंडीगढ़ को मिलेगा नया मेयर