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घरों में अदा की ईद की नमाज, मांगी दुआएं

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चंडीगढ़। देश में लॉकडाउन के दौरान ईद उल फितर का त्योहार मनाया गया। चंडीगढ़ में भी सोमवार को ईद का त्योहार मनाया। मस्जिदें और ईदगाह खाली रहे। लॉकडाउन की वजह से लोगों ने अपने अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा की।
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मस्जिदों और ईदगाहें बंद होने के कारण वह चहल पहल और रौनक देखने को कहीं नहीं मिली। लॉकडाउन के कारण रमजान के जरूरतमंद लोगों का दर्द बांटने और उनको खुशियां पहुंचाने की वजह से तमाम लोगों ने छोटे हो बड़े मर्द हो या औरत ईद सादगी से मनाई। सेक्टर बीस के जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अजमल खान ने ईद की नमाज मस्दिज में पढ़ी। इस अवसर पर दुआएं भी मांगी गई।
कोरोना के कारण नहीं मिले गले : कासमी
सेक्टर छब्बीस के नूरानी मस्दिज के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने बताया कि इस बार के ईद में गले नहीं मिल पाए। हाथ भी नहीं मिलाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल गाइडलाइन का पालन करते हुए बिना हाथ मिलाए और गले मिले एक दूसरे को ईद मुबारक कहा। घर में औरतों ने भी शुक्राने की नमाज पढ़ी और बच्चों के साथ मिलकर दुआ की। उन्होंने कहा कि ईद उल फितर का त्योहार प्रेम, अमन और भाईचारे की निशानी है। इसलिए शासन प्रशासन और दूसरे समुदाय के लोगों ने भी मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद दी और उनकी खुशियों में शरीक रहे। हम तहे दिल से सबका शुक्रिया अदा करते हैं।
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ईदी लेने देने की भी नहीं हुई कोई रस्म : इमाम
सेक्टर पैंतालीस बुड़ैल के जामा मस्जिद के इमाम कारी शमशेर अली कासमी ने बताया कि ईद उल फितर की नमाज लोगों ने अपने अपने घरों में अदा की। उन्होंने कहा कि शायद तारीख में कभी ऐसी ईद आई हो की तमाम ईदगाहों ओर मस्जिदों में सिर्फ तीन चार लोगों ने ही नमाज पढ़ी जो की मस्जिद के स्टाफ थे। इस दफा ईदी लेने देने की कोई रस्म भी नहीं हुई। इस मौके पर सेक्टर 45 सी की जामा मस्जिद में डीएसपी रामगोपाल और एसपी नेहा यादव तशरीफ लाए। उन्होंने ईद की मुबारकबाद पेश की। उन्होंने बताया कि डीएसपी रामगोपाल ने इस मौके पर सभी लोगों का लॉकडाउन का पालन करने और अपने घरों में इबादत करने पर बहुत बहुत धन्यवाद किया।
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