छह मिनट वॉक टेस्ट ने बताया फेफड़े का हाल
डॉ. अजय ने बताया कि ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल कर अपने ऑक्सीजन लेवल को रिकॉर्ड करें। ऑक्सीमीटर को अपनी अंगुली से जोड़कर लगातार 6 मिनट तक कमरे में घूमें और रीडिंग देखते रहें। फिर छह मिनट तक टहलने के तुरंत बाद अपने ऑक्सीजन का स्तर रिकॉर्ड करें। ऑक्सीजन का स्तर 94 प्रतिशत से कम आना खराब स्थिति की ओर संकेत करता है।
सर्वे इनडेक्स: मनोदशा भी व्यापक स्तर पर प्रभावित
ठीक वैसे ही अध्ययन में शामिल उन पोस्ट कोविड मरीजों की मनोदशा का आकलन करने के लिए उनसे एक इनडेक्स भरवाया गया, जिसमें उनके तनाव के स्तर को जांचने के लिए अलग-अलग तरीके से सवाल पूछे गए। उस इनडेक्स की रिपोर्ट भी संतोषजनक नहीं थी, जिससे साफ हो रहा है कि कोविड ठीक होने के बाद भी शरीर और मन को व्यापक स्तर पर प्रभावित करता है।
डॉ. अजय का कहना है कि इस स्थिति के सामने आने के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि पोस्ट कोविड मरीजों का व्यापक स्तर पर फॉलोअप होना जरूरी है, क्योंकि उसके जरिए पोस्ट कोविड होने वाले दुष्प्रभावों का आकलन कर उससे बचाव के उपाय किए जा सकेंगे।
आईसीयू के गंभीर मरीजों पर कोरोना के दूरगामी प्रभाव का आकलन करने के लिए ठीक हो चुके मरीजों पर अध्ययन किया गया। परिणाम चौंकाने वाले हैं। कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी उन पर उसका व्यापक दुष्प्रभाव देखने को मिला। उनके फेफड़े पहले जैसे नहीं हो सके, वहीं उनकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी। -प्रो. जीडी पुरी, डीन एकेडमिक पीजीआई