हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने कामर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं की 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी करने का जो आदेश सुनाया है उससे शापिंग माल जैसे 6000 बड़े उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। करीब पौने दो लाख इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं पर भी इसका असर पड़ेगा।
निगमों ने साफ किया है कि बिजली दरें बढ़ाने का फैसला हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने किया है। बिजली निगमों के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि चूंकि 20 किलोवाट लोड तक के गैर-घरेलू (कामर्शियल) उपभोक्ताओं की बिजली दर में बढ़ोतरी नहीं की गई है इसलिए 20 किलोवाट से ज्यादा लोड वाले केवल 6000 कामर्शियल उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा।
अधिकतर दुकानदारों पर बढ़ी दरों का असर नहीं होगा। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में दोनों बिजलों निगमों के करीब 50 लाख में से 48 लाख उपभोक्ताओं पर बढ़ी दर का कोई असर नहीं होगा। निगमों के प्रवक्ता ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जो बढ़ी दर (फ्यूल सरचार्ज एरियर समेत) एक अप्रैल, 2013 को लागू की गई थी उसे सरकार ने 500 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं से एक जनवरी, 2014 को वापस ले लिया था। यानी घरेलू उपभोक्ताओं से जो दर 2012-13 में वसूली जा रही थी वही दर 2014-15 में जारी रहेगी।
बकाया बिल वसूलेंगे
बिजली निगमों ने बकायादार उपभोक्ताओं से बकाया वसूली के लिए कदम उठाएं हैं। अब बिल की समय पर अदायगी न होने की अवस्था में बकायादार को बिल लाल रंग का भेजा जाएगा जो 15 दिन का नोटिस भी होगा। उसमें लिखा जाएगा कि बिल बकाया की अदायगी नहीं की गई तो 15 दिन के अंदर उसका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।