वकील आरएस ग्रेवाल ने बताया कि वारदात के समय पांच आरोपियों की उम्र 18 साल से ज्यादा थी, जबकि पांचवे की उम्र 17 साल 6 माह और छठे की उम्र 16 साल से कम थी। उसने अदालत में याचिका दायर की। बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया कांड के बाद फैसला दिया था कि वारदात के समय यदि आरोपी की उम्र 16 साल या इससे ज्यादा है तो उस पर बालिग अभियुक्तों की तरह केस चलाया जा सकता है।
वकील की याचिका पर 18 एक आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट से उसी अदालत में शिफ्ट हो गई थी, जहां दूसरे बालिग आरोपियों की सुनवाई चल रही थी। ऐसे में शुक्रवार को अदालत ने सभी छह आरोपियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जुवेनाइल कोर्ट ने सुनाई 16 साल से कम उम्र के किशोर को 3 साल की कैद
वकील ने बताया कि इसी केस में जुवेनाइल कोर्ट के अंदर 16 साल से कम उम्र के आरोपी को लेकर सुनवाई हुई। अदालत ने उसे 3 साल की सजा सुनाई है। साथ ही स्पष्ट किया है कि बाल सुधार केंद्र के अंदर बिताए गए समय को भी सजा में जोड़ा जाए।