गेस्ट टीचर्स को सरकार केवल भर्ती में ही छूट देगी। ऐसे में उन्हें अनशन छोड़कर आवेदन करने चाहिए। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 9 हजार अध्यापकों की भर्ती निकाल दी गई है।
शीघ्र ही 20 हजार पदों पर और भर्ती निकालकर गेस्ट टीचर्स को पक्का किया जाएगा। ऐसे में इन्हें छूट का फायदा उठाते हुए भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए। भाजपा सरकार की उनसे पूरी सहानुभूति है, लेकिन वे तो अब संतों का अपमान करने लगे हैं जोकि गलत है। गेस्ट टीचर्स को वार्ता के साथ आंदोलन का रास्ता छोड़ देना चाहिए।
झूठ बोल रहे हैं शिक्षामंत्री: शास्त्री
अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि शिक्षामंत्री वार्ता की बात झूठ बोल रहे हैं। सरकार से वार्ता के लिए अभी तक कोई संदेश उनके पास नहीं है। जो संदेश वार्ता के लिए उन्हें मिला है, उसमें केवल अधिकारियों से ही मीटिंग करवाने की बात कही गई है।
शिक्षामंत्री भर्ती में छूट देने की बात कह रहे हैं जबकि हकीकत तो यह है कि भर्ती के लिए तय किए गए नियमों के अनुसार करीब 13 हजार गेस्ट टीचर आवेदन ही नहीं कर सकते।
आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया: रामबिलास
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को विपक्षी पार्टियों ने हाईजैक कर लिया है। धरने के पहले ही दिन एक इनेलो नेता के घर पर बैठक हुई थी। इससे साफ हो रहा है कि आंदोलन कौन चला रहा है। शिक्षामंत्री ने कहा कि इनेलो राजनीति कर रही है, जो कि गेस्ट टीचर के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।