चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 बैंकों के साथ 4760 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में बुधवार को पूर्व रेलमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला की चंडीगढ़ सेक्टर-28 स्थित कोठी में छापा मारा। इसके साथ विजय सिंगला की जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के कार्यालय समेत अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी। बुधवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात खबर लिखे जाने तक जारी रही। इस दौरान न तो किसी को अंदर जाने दिया गया और न ही बाहर आने दिया गया। ईडी ने छापे के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज खंगालने के साथ कब्जे में लिए हैं।
जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी की ओर से साल 2009 से 2012 के बीच आईडीबीआई बैंक की अध्यक्षता वाले बैंकों के कंसोर्टियम से कर्ज लिया था। फर्म के फोरेंसिक ऑडिट से पता चला कि फर्म ने सामग्री की खरीद के लिए विक्रेताओं को 1142 करोड़ से अधिक की अग्रिम राशि का भुगतान किया था, लेकिन जांच में सामने आया कि भुगतान के मुकाबले खरीदी गई सामग्री बहुत कम थी और भुगतान राशि कई गुना अधिक थी। कंपनी ने 24 बैंकों के संघ से लिए गए कर्ज को कुछ विक्रेताओं और बैंक के कर्मचारियों के साथ साजिश रच कर कर्ज के अधिकांश हिस्से को गायब कर दिया।
साल 2022 में यह मामला सीबीआई के पास पहुंचा और जनवरी 2023 में सीबीआई ने जीटीएल इंफ्रा कंपनी के निदेशकों सहित कुछ अज्ञात बैंक अधिकारियों व अन्य के खिलाफ 24 अलग-अलग बैंकों से 4,760 करोड़ रुपये कर्ज राशि का गबन करने पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में पूर्व रेल मंत्री के भांजे विजय सिंगला सहित अन्य कई लोगों को नामजद किया गया लेकिन इसके बाद ईडी ने कंपनी निदेशकों सहित अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
बैंकों से किस तरह की गई धोखाधड़ी
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि कुल 4,760 करोड़ का कर्ज घोटाला हुआ है। फर्म की ओर से विक्रेताओं को किए गए भुगतानों की जांच से पता चला कि जीटीएल लिमिटेड बैंकों के संघ से ली कर्ज राशि राशि को हड़पने के लिए बनाया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि जीटीएल लिमिटेड प्रबंधन की ओर से विक्रेताओं को दिए गए फंड को भी कुछ समय बाद ही वापस कंपनी के खातों में भेज दिया जाता था। इसके बावजूद कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट में घाटा दिखाया। जीटीएल लिमिटेड और जीटीएल इंफ्रा दूरसंचार टावरों और दूरसंचार से संबंधित बुनियादी ढांचा, रखरखाव और सहायता प्रदान करने का काम करती थी।
पहले भी भ्रष्टाचार के मामले में फंस चुका है विजय सिंगला
पूर्व रेलमंत्री का भांजा विजय सिंगला कुछ साल पहले भी भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में फंस चुका है। उसने एक रेल अधिकारी की ट्रांसफर करवाने को लेकर 10 करोड़ रुपये में सेटिंग की थी। बाकायदा सीबीआई ने इस मामले में रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया था और मौके से 89 लाख रुपये भी बरामद हुए थे। वहीं, अब जीटीएल कंपनी के जरिए 4,760 करोड़ की धोखाधड़ी के इस मामले में बुधवार सुबह ईडी की टीमें सेक्टर-28 में पहुंच गई थीं और खबर लिखे जाने तक जांच जारी थी। हालांकि, अभी जांच टीम कुछ भी बताने से इन्कार कर रही है।