जमीन मालिकों और किसानों ने इस मामले में करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। किसानों का आरोप था कि जमीन अधिग्रहण का डर दिखाकर उनकी 400 एकड़
जमीन औने-पौने दाम में खरीद ली गई थी। अधिग्रहण के नोटिस में 25 लाख रुपये प्रति एकड़ रेट तय हुआ था, जबकि मार्केट रेट चार करोड़ रुपये था।
इस मामले में सीबीआई ने हुड्डा समेत 34 लोगों को आरोपी बनाया हुआ है। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी इस मामले में चार्जशीट भी दायर कर चुकी है। वहीं, हुड्डा ने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि ईडी जब भी उन्हें बुलाएगी वह जाएंगे। उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।