चुनाव आयोग ने गुरुवार को पंजाब के मुख्य सचिव और संगरूर के उपायुक्त से जवाब मांगा है कि उन्होंने मतदान के समय को बढ़ाने की मांग क्यों की? आयोग ने इसे चुनाव प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप करने और मतदाताओं के कुछ वर्ग को प्रभावित करने का प्रयास कहा है।
आयोग ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर का पत्र और इसके बाद शाम 4:05 बजे मुख्य सचिव द्वारा समय बढ़ाने का अनुरोध "चुनाव प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप करने का प्रयास है। यह मतदाताओं के कुछ वर्ग को प्रभावित करने और उन्हें मतदान में तेजी लाने या फिर समय बढ़ने की प्रतीक्षा करने को प्रेरित करता है। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के इस तरह के व्यवहार की निंदा की।
पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी को कड़े शब्दों में लिखे पत्र में चुनाव आयोग ने उपचुनाव की अधिसूचना के दौरान पहले से ही ज्ञात कारणों का हवाला देकर मतदान के दिन समय बढ़ाने की मांग पर नाराजगी व्यक्त की।
दरअसल, अधिकारियों का तर्क है कि लोग अभी धान के खेत में काम कर रहे हैं। इस वजह से मतदान का समय बढ़ाने की मांग की। आयोग का कहना है कि यह कारण चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर भी ज्ञात था।
चुनाव आयोग के एक सचिव के पत्र में कहा गया कि 'मुझे यह कहने का निर्देश दिया गया है कि मुख्य सचिव और रिटर्निंग अधिकारी से कारणों और परिस्थितियों और नए तथ्यों के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि मतदान के दिन दोपहर में इस तरह के पत्र को लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ी। अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने पर आगे का निर्णय लेने के लिए कल (शुक्रवार) दोपहर 1.00 बजे तक आयोग पहुंचें।"
हाल ही में पंजाब विधानसभा चुनाव में भगवंत मान के एक सीट जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद संगरूर लोकसभा सीट खाली हो गई थी। 23 जून यानी आज इसी सीट पर मतदान हुआ।