ट्राइसिटी में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नेशनल एंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के जिला पंचकूला के प्रधान और आयुर्वेदिक सुपर स्पेशलिस्ट डॉ. विनय बंसल का दावा है कि डेंगू से बचाव के लिए प्रचुर मात्रा में तरल पदार्थों, विटामिन सी से परिपूर्ण फल मसलन आंवला, कीवी का प्रयोग करना चाहिए।
डेंगू के संक्रमण से निवारण के लिये पपीते के पत्तों का रस, गिलोय के रस या काढ़ा, घृत कुमारी, सवमअमतंद्ध, हर सिंगार के पत्तों का रस लेना फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा कि प्लेटलेट्स की गिनती कम होने के कारण आंतरिक रक्तस्त्राव होता है। इससे बचने के लिए गोखरू का चूर्ण या कषाय का सेवन करना चाहिए।
हाल ही में मिला है अवार्ड
डॉ. विनय बंसल उत्तर भारत का सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक डॉक्टर चुना गया और ग्लोबल लाइफ स्टाइल अवार्ड 2015 से पुरस्कृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि असंतुलित जीवन शैली के लिए सर्वाइकल और लंबर स्पोंडिलाईटिस, स्लिप डिस्क, गठिया, घुटनों का दर्द, अनिद्रा, बीपी, थॉयराइड, मोटापा, डायबिटीज, माइग्रेन से पीड़ित लोगों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
इसको ठीक करने के लिए आयुर्वेद में आहार-विहार पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। डॉ. बंसल पंचकूला, मोहाली एवं जीरकपुर में युक्ति आयुर्वेदिक और पंचकर्म सेंटर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक और मानसिक शुद्धिकरण के लिए पंचकर्म में खास प्रावधान है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।