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Chandigarh News: चंडीगढ़ में बनेगी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी, निवेश बढ़ाने की तैयारी

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में उद्योग और निवेश को गति देने के लिए प्रशासन बड़ा कदम उठाने जा रहा है। पंजाब की तर्ज पर शहर में भी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लागू होने से उद्योगों, स्टार्टअप्स और निवेशकों को कारोबार शुरू करने और उसका विस्तार करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस संबंध में औद्योगिक विभाग को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार के बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) 2025 में चंडीगढ़ ने इस बार 89 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 71 प्रतिशत था। इस तरह शहर के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
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मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद के अनुसार प्रशासन की ओर से नियमों को सरल बनाने और प्रक्रियाओं को डिजिटल करने की दिशा में उठाए गए कदमों के कारण यह सुधार संभव हुआ है। प्रशासन फिलहाल केंद्र सरकार की निगरानी में चल रही डी-रेगुलेशन और कंप्लायंस बर्डन रिडक्शन पहल में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों और व्यापारियों पर अनावश्यक नियमों और कागजी प्रक्रियाओं का बोझ कम करना है ताकि कारोबार के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सके।
इसके साथ ही चंडीगढ़ के मौजूदा सिंगल विंडो सिस्टम (ई-सर्विसेज) को भी अपग्रेड किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस प्लेटफॉर्म को और अधिक सरल, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से उद्यमियों को लाइसेंस, मंजूरी और अन्य आवश्यक अनुमतियां एक ही पोर्टल से मिल सकेंगी जिससे कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी। प्रशासन ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट लाने पर भी विचार कर रहा है जो पंजाब की तर्ज पर होगा। यदि यह कानून लागू होता है तो विभिन्न विभागों से मिलने वाली मंजूरियों के लिए तय समय सीमा निर्धारित की जाएगी। इससे उद्योगों को लंबे समय तक फाइलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
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दूसरी ओर शहर में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए चंडीगढ़ स्टार्टअप पॉलिसी 2025 पहले ही अधिसूचित की जा चुकी है। प्रशासन का मानना है कि इससे युवाओं को नए उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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