साध्वी रेप केस में जेल में कैद राम रहीम को लोग डुप्लीकेट बता रहे हैं। ऐसे में एक तरीका अपनाकर पता लगाया जा सकता है कि राम रहीम असली है या नकली।
कई आशंकाओं को जन्म देता है डेरे का स्किन बैंक
सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल में सर्च के दौरान मिला स्किन बैंक सवालों के घेरे में है। जो सुविधा रोहतक के पीजीआई जैसे संस्थान में नहीं है उसका एक डेरे के अस्पताल में होना चौंकाने वाला है। जानकार बताते हैं कि स्किन का प्रयोग कास्मेटिक रिपेयर के साथ ही प्लास्टिक सर्जरी में किया जाता है। हालांकि, इसके लिए एक्सपर्ट की जरूरत होती है। ऐसे में डेरे के अस्पताल में स्किन बैंक होना कई आशंकाओं को जन्म देता है।
यह भी हो सकता है कि डोनेटेड स्किन की तस्करी की जा रही हो। यह भी संभव है अस्पताल में ही कास्मेटिक सर्जरी का कारोबार किया जा रहा हो। एक आशंका यह भी है कि गुरमीत राम रहीम ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए खुद का डुप्लीकेट तैयार करने के लिए इसका इस्तेमाल किया हो। इससे गुरमीत के डुप्लीकेट होने की आशंकाओं को भी बल मिलता है।
डीएनए जांच ही बता सकती है चेहरे का सच
कास्मेटिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी विज्ञान के माध्यम से कुछ भी संभव है, लेकिन अकेले इसके बल पर कहना कि किसी व्यक्ति विशेष का डुप्लीकेट तैयार हो सकता है यह संभव नहीं है। यदि गुरमीत राम रहीम के बारे कोई संदेह है तो सभी जांचों के साथ डीएनए जांच करना अनिवार्य होगा। एक्सपर्ट का दावा है कि कोई भी सर्जरी किसी को पूरी तरह नहीं बदल सकती।