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सरकारी सिस्टम का इलाज शिक्षा मंत्री को पड़ा भारी, पीजीआई रेफर

Thu, 08 Sep 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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रामबिलास शर्मा - फोटो : file photo
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हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को सरकारी डाक्टरों से इलाज कराना महंगा पड़ गया। एमएलए छात्रावास की डिस्पेंसरी में सही इलाज नहीं होने के कारण शर्मा को पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेश पर उपचार में लापरवाही के आरोप में चार डॉक्टरों और दो नर्सों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 
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हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को शुगर की बीमारी है। पिछले दिनों हरियाणा विधानसभा में जैन मुनि तरुण सागर के कार्यक्रम वाले दिन रामबिलास शर्मा के पांव में चोट लग गई थी। शर्मा ने इसका उपचार चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल की डिस्पेंसरी में डाक्टरों से कराया। वहां सुधार नहीं होने के बाद शिक्षा मंत्री को मंगलवार को पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
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सेहत मंत्री ने किया खुलासा

हरियाणा के स्वास्‍थ्य मंत्री अनिल विज - फोटो : फाइल फोटो
पीजीआई में सीनियर डाक्टरों के एक बोर्ड ने रामबिलास की जांच के बाद दावा किया कि उनकी बीमारी के अनुरूप इलाज नहीं किया गया, जिस वजह से उनका जख्म गहरा हो गया। एमएलए हॉस्टल के डाक्टरों ने बिना किसी ठोस जांच के उपचार शुरू कर दिया।

पीजीआई में रामबिलास शर्मा का हालचाल पूछने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज तो सारे मामले का खुलासा हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को एमएलए हास्टल की डिस्पेंसरी में तैनात चार डाक्टरों और दो स्टाफ नर्सों को अपने कार्यालय में तलब किया। स्वास्थ्य विभाग ने चारों डॉक्टरों को एमएलए हॉस्टल से पंचकूला और दो स्टाफ नर्सों को चंडीगढ़ से मेवात ट्रांसफर कर दिया है। इसके अलावा सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
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