ऑल इंडिया रिटेल किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन का कहना है कि आटे की महंगाई के कारण अब होलसेल और रिटेल के बीच अंतर कम हो गया है। दो महीने पहले तक होलसेल में 10 किलो का पैकेट 290 में मिलता था, जिसे दुकानदार 330 में बेचते थे। अब होलसेल में ही माल 330 रुपये में आ रहा है। इसे 400 रुपये में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो महीने के दौरान महंगाई ने काफी प्रभावित किया है। चने की दाल 80 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 120 रुपये हो गई है। काले चने की कीमत भी 80 रुपये से 120 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। दाल की महंगाई के कारण जो बेसन दो महीने पहले तक 100 रुपये किलो था वह 140 रुपये बिक रहा है।
ये है कारण
राजिंदर ने बताया कि पिछले साल केंद्र सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत आटा मिल मालिकों को गेहूं उपलब्ध कराया था लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ। इस वजह से बाजार में डिमांड के तहत गेहूं नहीं मिल पा रहा है, जिससे गेहूं महंगा हो गया। खुदरा मार्केट में आटे की कीमत में प्रति किलो तीन से चार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 10 किलो के पैकेट में 70 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।