आनलॉइन ठगी के आरोप में पकड़े गए नाइजीरियन गैंग ने पिछले डेढ़ साल के अंदर अब तक 32 लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे करीब 35 लाख रुपये ठगे हैं।
पुलिस यह मानकर चल रही है कि इस पैसे का इस्तेमाल या तो ड्रग तस्करी में हुआ है या हवाला के जरिए नाइजीरिया ट्रांसफर हो चुका है, क्योंकि गैंग का मुखिया डेविड उर्फ रोमियो एक बार दिल्ली में ड्रग तस्करी में पकड़ा जा चुका है।
अभी तक की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बलटाना के भूपिंद्र धीर के पैसों के अलावा ज्यातदार बैंक ट्रांजेक्शन बंगलूरू, नागपुर व विशाखापट्नम की तरफ से हैं।
पुलिस ने सबसे पहले इस गैंग से जुड़ी आरोपी एक महिला रेणू राणा को गिरफ्तार किया था। उसके बाद नाइजीरियन गोल्डन बूरो व गुडलक बूरो को भी रेणू की निशानदेही पर ही गिरफ्तार किया गया। फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं।
पुलिस ने इस गैंग से लैपटॉप व कुछ पेन ड्राइव रिकवर की हैं, जिन्हें क्रैक करने की कोशिश की जा रही है।
मालूम हो कि गत वर्ष सेक्टर-5 थाने में बलटाना निवासी भूपिंद्र धीर सिंह की शिकायत पर ऑनलाइन फ्रॉड का मामला दर्ज हुआ था। इसी केस की तफ्तीश में पुलिस ने अब नाइजिरियन गैंग को पकड़ा है।